कृषि से जुड़ी तकनीक
भारत जैसे परंपरागत खेती किसानी वाले देश में कृषि से जुड़ी तकनीक और प्रक्रिया के विकास एवं इनोवेशन की लगातार जरूरत महसूस की जा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन आदि की मदद से खेती को और बेहतर बनाया जा सकता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि आज के दौर में इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित तकनीक और ड्रोन की मदद से देश में खेती की तस्वीर बदलने लगी है।
इंटरनेट ऑफ थिंग्स के जरिए कई प्रकार की प्रौद्योगिकियों और उपकरणों को एक साथ जोड़ा जा सकता है। मंगलवार को कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में कहा कि सरकार किसानों का कौशल बढ़ाने के लिए उन्हें ड्रोन प्रशिक्षण दे रही है जिससे गन्ना, मक्का आदि फसलों का उत्पादन बढ़ रहा है और उत्पादन क्षेत्र में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
सामान्य तौर पर सरकारें योजनाएं बनाती हैं, घोषणाएं करती हैं, लेकिन क्रियान्वयन पर जरूरत के हिसाब से ध्यान नहीं दिया जाता। परंतु महिलाओं की क्षमता बढ़ाने व आजीविका बेहतर करने के लिए सरकार के ‘ड्रोन दीदी’ कार्यक्रम की कल्पना अद्भुत है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चल रहे अभियान को ड्रोन दीदी से अधिक मजबूती मिलेगी। देशभर में करीब 90 लाख स्वयं सहायता समूहों से लगभग 10 करोड़ महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो न सिर्फ अपने जीवन में बदलाव ला रही हैं,बल्कि समाज सेवा और गांवों के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
ड्रोन दीदी के जरिए महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, वह आत्मनिर्भर बनेंगी, रोजगार सृजन से उनकी आजीविका बेहतर होगी। इसके साथ ही खेती में ड्रोन का इस्तेमाल बढने से खेती भी उन्नत होगी। ‘ड्रोन दीदी’ योजना के तहत महिलाओं को 1261 करोड़ रुपये के कुल 15 हजार ड्रोन वितरित किए जाएंगे।
सरकार की नमो ड्रोन दीदी योजना का उद्देश्य महिलाओं को उनकी स्थानीय कृषि आपूर्ति शृंखलाओं और ग्रामीण समृद्धि का अभिन्न हितधारक बनाने में मदद करना है। साथ ही किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिहाज से यह ड्रोन काफी मददगार साबित हो रहे हैं। वास्तव में पिछले कुछ वर्षों से ड्रोन ने खेती की प्रक्रिया और कल्चर में भारी बदलाव लाने में मदद की है। ड्रोन आधारित तकनीक को लागू करने की वजह से खेती और फार्म सेक्टर में फसल की उपज बढ़ाई जा सकती है, लैंड मैनेजमेंट के बेहतर फैसले लिए जा सकते हैं और समय बचाने के साथ लंबी अवधि में किसानों की आमदनी बढ़ाने में सफलता हासिल की जा सकती है।
