बरेली: रेल राज्यमंत्री और रेलवे भर्ती बोर्ड का अध्यक्ष बनकर की 3.11 करोड़ की ठगी

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Edited By Amrit Vichar
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20 बेरोजगारों से आरोपियों ने लिए 15-15 लाख रुपये, एक आरोपी जेल में है बंद

बरेली, अमृत विचार। रेल राज्यमंत्री और रेलवे भर्ती बोर्ड का अध्यक्ष बनकर जालसाजों ने 20 बेरोजगारों से 3.11 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। एडीजी के आदेश पर इज्जतनगर पुलिस ने 11 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

इज्जतनगर की शिव स्टेट कॉलोनी निवासी विनोद कुमार ने बताया कि वह एयरफोर्स के पास दुकान करते हैं। वर्ष 2018 में वहीं पर उनकी मुलाकात विजेन्द्र पाठक से हुई। विजेन्द्र ने बताया कि वह अध्यक्ष रेलवे भर्ती बोर्ड, संसदीय सचिव और रेल राज्य मंत्री का विश्वास पात्र है। वह स्पोर्ट और मंत्री कोटे से नौकरी लगवा सकता है। विजेन्द्र ने अपने बेटे मयंक और एक अन्य व्यक्ति के बेटे का नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची व रेलवे पास दिखाए। बताया कि दोबारा टीसी की रिक्त जगह भरी जाएंगी। मयंक ने करन शर्मा से मिलवाया।

करन ने स्वयं को संसदीय रेलवे सचिव बताते हुए अपना परिचय पत्र भी दिखाया। करन ने अजय गुप्ता, निशा गुप्ता और शिवाजी सिंह फौजी से बात कराई। इनमें अजय और निशा को अधिकारी व शिवाजी सिंह फौजी ने फोन पर स्वयं को रेल राज्य मंत्री बताया। इसके बाद पीड़ित उनके झांसे में आ गया। उन्होंने हापुड़ निवासी संजीव का फार्म भरवाया और 15 लाख रुपये मयंक पाठक और विजेन्द्र पाठक को दिए। आरोपियों के बरगलाने पर 20 और बेरोजगारों ने आवेदन कर दिए। आरोपियों से सभी से 15-15 लाख रुपये लिए।

फर्जी नियुक्त पत्र दे दिए
आरोपियों ने कुछ बेरोजगारों को मेडिकल आदि के बाद नियुक्ति और प्रशिक्षण पत्र दे दिए। ये नियुक्ति पत्र फर्जी थे। विनोद ने बताया कि जब उन्होंने विजेन्द्र व मयंक से शिकायत की तो आरोपियों ने नियुक्ति पत्र सही कराने के नाम पर 1.68 लाख रुपये विकास अग्रवाल, व अन्य खातों में डलवाए। नियुक्त पत्र सही न होने पर करन शर्मा, शिवाजी सिंह, अजय गुप्ता, निशा गुप्ता, गुलशन सिंह, विजय कुमार उर्फ दिनेश उर्फ नाटा, मंजूर, मुख्त्यार, वसीम और विजेन्द्र ने काफी समय तक भरोसा दिलाया। बाद में बात करने से कतराने लगे। जब उन लोगों ने रुपये मांगे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देने लगे। शिकायत और एडीजी के निर्देश पर इज्जतनगर पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

इन लोगों से की गई ठगी
ठगों ने अभिषेक वर्षा व पंकज सिंह निवासी लक्ष्मीपुर गौटिया, राजेश कुमार निवासी बदायूं, शुभांकर सेठ निवासी हार्टमैन कालेज रोड, सिद्धार्थ श्रीवास्तव निवासी जनकपुरी, हिमांशु ठाकुर निवासी मौकामा, पटना, बिहार, दिलीप कुमार और पूजा कन्नौजिया निवासी विकास नगर, गोरखपुर, रोहित कुमार निवासी नगरिया परीक्षित, महेश कुमार निवासी चन्दौसी, चायन आचार्य निवासी कल्याणी नाडिया बंगाल और गंगा दयाल निवासी न्यू मॉडल रेलवे कालोनी, इज्जतनगर, अफजल और ईशु निवासी हापुड़ हैं।

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