मुरादाबाद : मंडल में समय की पटरी से उतरीं प्रमुख ट्रेनें, यात्रियों की परेशानी बढ़ी
दुश्वारी : मौसम की मार ट्रेनों की गति और यात्रियों की सेहत पर पड़ रही भारी, कोहरे के चलते अब तक निरस्त हो चुकी हैं 60 ट्रेनें, कई ट्रेनों के मार्ग बदले
उत्तरांचल संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन में बैठे यात्री।
मुरादाबाद, अमृत विचार। लंबी दूरी की ट्रेनों के समयबद्ध और सुरक्षित संचालन का विभागीय दावा बुधवार को सही नहीं रहा। अमरनाथ एक्सप्रेस, सियालदह एक्सप्रेस, श्रमजीवी सुपरफास्ट और सप्तक्रांति के यात्रियों को ट्रेनों का इंतजार भारी पड़ा। वैसे तो कोहरा के मद्देनजर मंडल मुख्यालय से होकर चलने वाली 60 ट्रेनें निरस्त हैं, जबकि बाराबंकी यार्ड के ब्लाक की वजह से ट्रेनें बदले रूट से चलाई जा रहीं हैं।
देर शाम तक लोकल पैसेंजर बरेली, दिल्ली, रामपुर और चंदौसी की ट्रेनों की लोकेशन पूछते रहे। स्टेशन से गोरखपुर के लिए रवाना होने के बाद अमरनाथ एक्सप्रेस मूढापांडे और दलपतपुर के बीच 40 मिनट रुकी रही। अचानक काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के निरस्त होने से यात्री परेशान हुए। आनंद विहार की ओर जाने वाली संपर्कक्रांति 3:30 घंटे बदले समय से चली। महामना एक्सप्रेस, लखनऊ मेल और एसी स्पेशल के देर से चलने से लोगों ने रेल प्रबंधन को कोसा। ठंड की वजह से यात्रियों को दिक्कत हो रही है।
दैनिक यात्री संघ के अध्यक्ष और डीआरयूसीसी के पूर्व सदस्य सुधीर पाठक ने बताया कि दैनिक ट्रेनों का सारिणी खराब है। आउटर पर घंटो ट्रेनें रोकी जा रही है। अमरोहा की 30 किलोमीटर की दूरी कई बार दो घंटे में पूरी हो रही है। स्टेशन अधीक्षक महेंद्र कुमार ने बताया कि अन्य सेक्शन और रेल खंड में अनुरक्षण कार्य की वजह से कुछ ट्रेनें डायवर्ट की गयीं हैं। कोहरा से भी ट्रेनें प्रभावित हो रहीं हैं।
उत्तरांचल संपर्कक्रांति एक्सप्रेस में यात्रा आसान नहीं
सुलभ और सुरक्षित रेल सेवा का सच देखना हो तो उत्तरांचल संपर्कक्रांति एक्सप्रेस के किसी भी कोच को देख लें। आरक्षित और अनारक्षित कोच का अंतर समझना भारी पड़ेगा। रोजाना की तरह रामनगर और काठगोदाम से आई ट्रेन कोच को लिंक कर यहां प्लेटफार्म संख्या चार से रवाना हुई। इस ट्रेन में यात्रियों के शोर में स्टेशन के बाकी यात्री घबरा गए। दिव्यांग कोच में अनाधिकृत लोगों की भीड़ और सामान्य डिब्बे में बेहिसाब भीड़ देख मौजूद लोग बोल पड़े, क्या यही है सरकार का सुरक्षित और सुगम यात्रा का विभागीय दावा? सीआईटी सहदेव सिंह ने बताया कि दिन के समय की यह दिल्ली की प्रमुख ट्रेन है। इसलिए भीड़ अधिक होती है।
जीआरपी ने युवक की नहीं सुनी बात, लौटाया
रेलवे पुलिस की यात्री सहायता केंद्र से बुधवार को बेटिकट यात्री को लौटा दिया गया। अमेठी जपनद के कुलरा चनौटी निवासी राजकुमार को रेलवे पुलिस थाने से निराशा मिली। राजकुमार ने बताया कि वह पंजाब के नया गांव कस्बे में टाइल्स पत्थर लगाने का कार्य करता है। दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का खर्च उठाता है। मंगलवार की रात चंडीगढ़ स्टेशन पर साधारण टिकट से अमरनाथ एक्सप्रेस में सवार हुआ। ट्रेन में चढ़ने के दौरान बैग चोरी हो गया। बैग में पर्स, 10000 रुपये, मोबाइल, जरूरी कागजात और टिकट था। बैग चोरी होने के बाद ट्रेन में बेटिकट हो गया। मुरादाबाद में टीटीई ने ट्रेन से उतार दिया। उसके बाद जीआरपी में शिकायत दर्ज कराने पहुंचा तो भगा दिया। सिविल ड्रेसधारी थाने में बैठे उप निरीक्षक ने कहा, यहां कुछ नहीं होगा। चंडीगढ़ जाओ वहीं केस दर्ज होगा।
अमरनाथ एक्सप्रेस के यात्री को गरीब रथ से भेजा
मुरादाबाद से लखनऊ के लिए अमरनाथ एक्सप्रेस का टिकट लेकर भटक रहे दंपती को रेलवे के वाणिज्य विभाग की टीम ने राहत दी। लखनऊ निवासी डॉ. संदीप श्रीवास्तव और उनकी पत्नी डाॅ.दिव्या निगम ने 20 दिन पहले रेलवे के काउंटर से आरक्षण कराया था। मुरादाबाद से वापस जाने के लिए दोनों लोग ठीक 10 बजे स्टेशन पहुंच गए। इस दौरान अमरनाथ एक्सप्रेस के बदले रूट से चलाए जाने की बात सुनकर घबरा गए। कुछ देर बाद सामने ट्रेन खड़ी हुई, लेकिन दोनों गाड़ी में सवार नहीं हुए। स्टेशन अधीक्षक और वाणिज्य विभाग के जिम्मेदारों से अपनी दिक्कत बताई। ट्रेन के बदले रूट से चलने की समय से जानकारी नहीं हो पाने की वजह गिनाई। इसके बाद मुख्य चल टिकट निरीक्षक विजयंत शर्मा ने लखनऊ की ओर जा रही गरीब रथ में दंपती को सीट दिलाकर रवाना किया। यात्री डाॅ.संदीप और उनकी पत्नी ने प्रबंधन और वाणिज्य विभाग के इस सहयोग के लिए रेलवे को सोशल मीडिया अकाउंट में भी आभार व्यक्त किया।
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