लखनऊ : बुजुर्ग मरीजों को आसानी से दी जा सकेगी ऑक्सीजन, एसजीपीजीआई के डॉक्टरो ने बनाई डिवाइस
लखनऊ, अमृत विचार। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों ने ओरल एयर वे नाम की डिवाइस बनाई है। जिससे बुजुर्ग मरीजों को ऑक्सीजन देने में आसानी होगी। इस डिवाइस की वजह से बुजुर्ग मरीजों के चेहरे पर ऑक्सीजन मॉस्क पूरी तरह से लग जायेगा और अपनी जगह से नहीं हटेगा।
यह डिवाइस एसजीपीजीआई में एनेस्थीसिया विभाग के एडिशनल प्रो. आशीष कनौजिया और एसोसिएट प्रो. चेतना शमशेरी ने मिलकर बनाया है। इसका पेटेंट भी डॉक्टरों को मिल चुका है। शनिवार को हुये दीक्षांत समारोह में डॉ. आशीष कनौजिया और डॉ. चेतना शमशेरी को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अवार्ड देकर सम्मानित भी किया है।
अमृत विचार के साथ हुई बातचीत में डॉ. चेतना शमशेरी ने बताया है कि गंभीर मरीजों को कई बार ऑक्सीजन देने की आवश्यकता होती है,लेकिन जिन बुजुर्ग मरीजों के दांत नहीं होते और उनके गाल पिचक जाते हैं। ऐसे बुजुर्ग मरीजों में ऑक्सीजन देने के दौरान ऑक्सीजन मॉस्क अपनी जगह से खिसक जाता है। जिससे मरीज को दिक्कत हो सकती है। इसी को देखते हुये ओरल एयर वे डिवाइस बनाई गई है। जिससे मॉस्क अपनी जगह पर रहेगा और बुजुर्ग मरीजों को पूरी ऑक्सीजन मिल सकेगी।
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