एसजीपीजीआई : आग लगने की घटना की जांच शुरु, 2 दिन बाद आएगी रिपोर्ट

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में सोमवार को ओटी में आग लगने की घटना और बच्चे समेत दो लोगो की मौत के मामले में जांच शुरू हो गई है।एसजीपीजीआई प्रशासन ने तीन सदस्य जांच कमेटी गठित कर शुक्रवार तक जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

दरअसल, संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के पुरानी बिल्डिंग स्थित ओटी एक में सोमवार को मॉनिटर में स्पार्क होने के कारण आग लग गई थी। इस आग के कारण ओटी में सर्जरी के लिए लाये गये दो मरीजों की मौत हो गई। जिन दो मरीजों की मौत हुई उसमें पीलीभीत निवासी एक महिला और दूसरा मरीज एक महीने का बच्चा था। बच्चे के परिजन गाजीपुर निवासी थे।

एसजीपीजीआई के निदेशक प्रोफेसर आरके धीमान ने बताया कि सोमवार को ओटी एक में करीब 12: 40 मिनट पर मॉनिटर में स्पार्क होने के चलते आग लग गई। आग पहले एनस्थीसिया वर्क स्टेशन पर फिर ओटी में फैल गई, लेकिन फॉयर सिस्टम तत्काल सक्रिय हुआ। जिससे आग पर काबू पाया गया। वहां मौजूद सभी मरीजों को प्री ऑपरेटिव और पोस्ट आपरेटिव आईसीयू से तुरंत शिफ्ट कराया गया। संस्थान के 13 ओटी में से दो ओटी  को अधिक नुकसान हुआ है। शेष ग्यारह ओटी ठीक है। इन्हें शीघ्र ही चार पांच दिनों में शुरू किया जायेगा। इसके अलावा इन ओटी में जिन मरीजों की सर्जरी होने वाला थी। उनको बाकी की क्रियाशील ओटी में समायोजित किया जा रहा है। जिससे मरीजों के ऑपरेशन में कोई रुकावट न हो। इस तरह के घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए एक समिति गठित की गई है। जो आग लगने का कारण बतायेगी और ऐसी घटनायें आगे न हो उसके लिए सलाह देगी। 

एसजीपीजीआई के निदेशक ने यह भी बताया है कि आग लगने की घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए एसजीपीजीआई के अंदर जितनी भी इमारतें हैं, उन सभी इमारतों में फायर सेफ्टी की जांच की जाएगी। खासकर उन इमारतों में जहां पर मरीजों का इलाज किया जाता है, वहां पर फायर सेफ्टी, इलेक्ट्रिक सेफ्टी और एग्जास्ट की व्यवस्था की जांच होगी और यदि उसमें कोई कमी होगी, तो उसको ठीक किया जाएगा।

इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना की जांच के लिए तीन सदस्य कमेटी का गठन किया गया है, जो शुक्रवार तक अपनी जांच रिपोर्ट देगी।

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