बाराबंकी: तीन मंजिला भवन में तैयार हो रहे 288 पीएम आवास, नगर पालिका क्षेत्र के लोगों को मिलेगी पक्की छत
बाराबंकी। नगर पालिका परिषद नवाबगंज में गरीबों के लिए तीन मंजिला आवास बनाने के लिए जमीन जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराने के बाद उस पर तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। दावा है कि एक साल में आवास बन कर तैयार हो जाएंगे। निर्माण कार्य का जिम्मा आवास विकास परिषद को मिला है। एजेंसी बैंक से दो लाख और डूडा से ढाई लाख रुपये लेकर कुल साढ़े छह लाख में फ्लैट तैयार कर रही है। जिसमें से ढाई लाख रुपये पीएम आवास के तहत गरीब को अनुदान मिलेगा, शेष चार लाख रुपये 20 वर्षों में अदा करनी होगी। आवास बनाने का काम शहर से सटे बड़ेल में चल रहा है।
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत आवास विकास परिषद शहर के अंदर 288 आवासों का निर्माण करा रहा है। करीब एक से डेढ़ वर्ष में पूर्ण होने वाले इन आवासों का लाभ नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली पात्रों की सूची के अनुसार किया जाएगा। ग्रामीण अंचलों की भांति ही शहरी क्षेत्र में भी गरीबों को आवास देने के लिए प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना की शुरुआत की गई थी।
इस योजना में प्रदेश सरकार ने नगरीय विकास अभिकरण विभाग को 288 प्रधानमंत्री आवास बनाने का लक्ष्य दिया है। इसके निर्माण के लिए तीन हेक्टेयर भूमि की उपलब्धता निर्धारित की गई है। आवासों के निर्माण की जिम्मेदारी मिलने के बाद आवास विकास परिषद ने एसडीएम सदर से निर्धारित हेक्टेयर में भूमि उपलब्ध कराने की डिमांड की थी। जिसके बाद तहसील प्रशासन ने शहरी सीमा में शामिल बड़ेल गांव के पास पर्याप्त मात्रा में भूमि चिह्नित की है।
कार्यदायी संस्था द्वारा इस भूमि का सत्यापन कर निर्धारित हेक्टेयर में आवासों का निर्माण तेजी से करा रहा है। बताया जा रहा है कि करीब एक से डेढ़ वर्ष में आवासों का निर्माण पूरा होने के बाद नगरीय विकास अभिकरण द्वारा लाभार्थियों काे पक्की छत मिल जाएगी। इसके अलावा डूडा ही कार्यदायी संस्था को बजट के हिसाब से आवास निर्माण की धनराशि देकर इसकी मॉनीटरिंग करेगा।
करीब 350 लोगों ने किया है आवेदन
जानकारी देते हुए पीओ डूडा सौरभ त्रिपाठी ने बताया कि पक्का मकान पाने के लिए करीब साढ़े तीन सौ लोगों ने आवेदन किया है। जिनकी जांच एसडीएम सदर के माध्यम से कराई जा रही है। इनमें से 288 लोगों की सूची तहसील प्रशासन डूडा को उपलब्ध कराएगा। इसके बाद ढाई लाख रुपये डूडा अनुदान के रुप में देगा बाकी चार लाख रुपये बैंक के माध्यम से फाइनेंस कराकर लाभार्थी द्वारा 20 वर्ष में जमा करना पड़ेगा।
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