कासगंज: तीर्थ नगरी सोरों के अखाड़ों में बढ़ती ही जा रही है रौनक, दूरदराज से निरंतर पहुंच रहे नागा साधू

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Edited By Amrit Vichar
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सोरोंजी, अमृत विचार। सोरों के अखाडों की रौनक प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। देश भर के दूरदराज इलाकों से साधू संतों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। मेला मार्गशीर्ष में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आए संतों ने पालिका प्रशासन पर व्यवस्थाएं न जुटाने आरोप लगाया है। संतों का कहना है कि नागालैंड आश्रम पर बिजली, पानी एवं सर्दी को देखते हुए अलाव के लिए लकड़ी की कोई व्यवस्था नहीं की है।

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तीर्थ नगरी सोरों हरिपदी गंगा स्थित नागालैंड घाट पर श्री शंभू पंच दशनाम आह्वान अखाड़ा के नेतृत्व में संतों की शाही सवारी 25 दिसंबर को निकाली जाएगी। इसके लिए दूर-दूर से संत आश्रम पर पहुंच रहे हैं। इनके ठहरने की व्यवस्था आश्रम की ओर से की गई है, लेकिन यहां पानी, बिजली एवं अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था नहीं है। 

संतो का आरोप है कि हर मेले में शाही स्नान के दौरान पहुंचने वाले संतों की व्यस्थाएं संबंधित पालिका जुटाती है। सोरों नगर पालिका ने व्यवस्थाएं नहीं की हैं। इससे संतों में आक्रोश है। हालांकि इतना जरुर है कि बिजली के लिए कुछ लाइट लगा दी गई हैं, लेकिन बेहतर इंतजाम नहीं हैं।


कुंभ मेले में भी संतों की शाही सवारी निकलती है। दूर दराज से पहुंचकर संत इसमें शामिल होते हैं। संबंधित निकाय ही इनके रहन-सहन की व्यवस्था जुटाती हैं--- भंवरनंद गिरि, केदारनाथ नागा साधू।

अब तक जिस शहर में शाही स्नान, संतों के धार्मिक कार्यक्रम हुए हैं, उन स्थानों पर स्थानीय आयोजकों द्वारा संतों के लिए व्यवस्था कराई जाती है। यहां पालिका आयोजक है--- दिनेश गिरि, नागा साधू।

एसडीएम से मिले साधू संत
साधू संतों ने एसडीएम संजीव कुमार से मुलाकात की। कहा कि आधी अधूरी तैयारियां है। साधू संतों को समस्या हो रही है। मेला मजिस्ट्रेट होने के नाते वे आश्रमों में बेहतर इंतजाम कराएं।

संतों को कराया भोजन
दूरदराज से पहुंचे साधू संतों की सेवा का दौर शुरू हो गया है। उन्हें श्रद्धालु भोजन करा रहे है। सोरों के आश्रमों में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचकर साधू संतों को भोजन कराकर पुण्य लाभ ले रहे है।

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