लखनऊ अमृत विचार। यूपीएसआरटीसी की बसों से यात्रा करने वाले पैसेंजरों के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही रोडवेज की बसों से यात्रियों का आवागमन आसान होने के साथ सफर सुहाना,सुरक्षित होगा । रोडवेज की बस बेड़ा में दो हजार नई बीएस-6 डीजल बसें, 3000 एसी इलेक्ट्रिक बसें सम्मिलत होने के साथ 5000 नई इलेक्ट्रिक बसों का अनुबन्ध कर संचालन किया जायेगा । परिवहन यात्रियों की आवागमन बेहतर और हाईटेक सुविधाएं देने के लिए परिवहन निगम तेजी से कार्य कर रहा है।
यूपीएसआरटीसी निदेशक मण्डल की 247 वीं बैठक में लिये गये कई महत्वपूर्ण निर्णय
बुधवार को राज्य सड़क परिवहन निगम निदेशक मंडल की 247 वीं बोर्ड बैठक प्रमुख सचिव परिवहन व परिवहन निगम अध्यक्ष एल. वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय में हुई। बोर्ड की बैठक में परिवहन मंत्री की ओर से दिये गये निर्देशों के क्रम में कई अहम निर्णयों को अनुमोदित किया गया।
5000 नई इलेक्ट्रिक बसों की अनुबन्ध से यात्रियों का आवागमन होगा आसान
अध्यक्ष परिवहन निगम ने बताया कि परिवहन निगम की डा राम मनोहर लोहिया कार्यशाला कानपुर और केन्द्रीय कार्यशाला कानपुर में पूर्व से संचालित पुरानी बसों का मिनी रिनोवेशन कार्य कराये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया। शासन से मिलने वाली धनराशि में वर्ष 2024-25 के आय-व्यय में 2000 नई बीएस-6 डीजल बसें, 3000 फुल्ली बिल्ट एसी इलेक्ट्रिक बसों को क्रय कर बस बेडे़ में सम्मिलित किया जाना 5000 नई इलेक्ट्रिक बसों को अनुबन्ध पर लिये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया।
पुरानी बसों का होगा मिनी रिनोवेशन
अध्यक्ष ने बताया कि परिवहन निगम के 48 बस स्टेशनों को द्वितीय चरण में पीपीपी पद्धति पर आधुनिक बस टर्मिनल,कॉमर्शियल कॉम्पलैक्स के रूप में विकसित कराने के लिए सहमति प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि परिवहन निगम की बसों,परिचालकों के कार्य के लिए उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से महिला परिचालकों को आबद्ध किये जाने पर सहमति प्रदान किया गया।
बोर्ड की बैठक में यूपीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर, प्रण्ता ऐश्वर्य अपर प्रबन्ध निदेशक, केपी सिंह विशेष सचिव, वीके सोनकिया विशेष सचिव (परिवहन),अभिषेक सिंह विशेष सचिव (सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो), भारतीय प्रबन्ध संस्थान, परिवहन विभाग वित्त विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।