बाराबंकी: और कितनी मौतों के बाद जागेंगे अधिकारी! डिवाइडर विहीन बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग 1 महीने में लील गया इतनी जानें...

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Edited By Amrit Vichar
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रामनगर, बाराबंकी। डिवाइडर विहीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर क्षमता से अधिक भार लेकर चल रहे अनियंत्रित तेज रफ्तार वाहनों से एक माह के भीतर 7 लोगों की जान चली गयी। सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए। जिनमें से कई अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। सड़क दुर्घटनाओं की चपेट में आने वाले तमाम लोग अपंग होकर बद से बद्दतर जिंदगी जीने पर मजबूर हैं। ओवरलोड तेज रफ्तार अनियंत्रित वाहनों पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। जिम्मदारों के द्वारा सड़क सुरक्षा यातायात जागरूकता कार्यक्रम कर कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है। 

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थाना क्षेत्र के लखनऊ बहराइच मार्ग स्थित रानी बजार से ग्राम कटियारा के बीच लगभग 2 किलोमीटर दूरी के मध्य एक माह के भीतर डिवाइडर विहीन हाईवे पर 7 लोगो की सड़क दुर्घटना से मौत हुई है। इन सड़क घटनाओं में किसी घर के मुखिया तो किसी पत्नी की मांग उजड़ गयी। और कोई बच्चा अनाथ हो गया। तो किसी मां की गोद सूनी हो गयी। 21 नवंबर को चौकाघाट स्टेशन के पास हाइवे पर लखनऊ निवासी 34 वर्षीय आशीष तिवारी की तेज रफ़्तार वाहन की टक्कर से मौत हो गई।

27 नवंबर को हाइवे के ग्राम दलसराय के पास गोंदौरा निवासी 33 वर्षीय रूपेश को किसी वाहन ने रौंद दिया, जिससे उन्होंने भी हाइवे पर ही दम तोड़ दिया। 4 दिसंबर को हाइवे के ग्राम मलिहामऊ के निकट एक 30 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। 7 दिसंबर को हाइवे के ग्राम दलसराय के पास कस्बा निवासी 45 वर्षीय पत्रकार मंगली शुक्ला की जान तेज रफ्तार के कहर ने ले ली। 18 दिसंबर को हाइवे स्थित कटियारा के पास एक 35 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति ने सड़क दुर्घटना में दम तोड़ दिया।

18 दिसंबर की रात हाईवे के ग्राम चंदनापुर के निकट तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला जिसमें परिवार के ही कार सवार 8 लोगो मे चन्दनापुर निवासी पप्पू की 40 वर्षीया पत्नी नीलम व 10 साल का बेटा अमन की मौत हो गयी। तीन अन्य अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।

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