बीबीएयू सेमिनार: हमें विकास के पश्चिमी मॉडल की जगह नये भारतीय मॉडल को अपनाने की जरूरत 

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में एक भारत श्रेष्ठ भारत समिति की ओर से ' विकसित भारत @2047 : दृष्टि से वास्तविकता तक ' विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रोफेसर राणा प्रताप सिंह ने की। मुख्य अतिथि के तौर पर आईएफएस अधिकारी डॉ रवि कुमार सिंह मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त मंच पर प्रोफेसर नवीन कुमार अरोरा, प्रोफेसर वेंकटेश दत्ता एवं डॉ. मोनिका शर्मा उपस्थित रहीं।

प्रोफेसर राणा प्रताप सिंह ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि, हमें विकास के पश्चिमी मॉडल की जगह नये भारतीय मॉडल को अपनाना होगा । क्योंकि इसमें अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, समाज एवं दूसरों के लिए कल्याण की भावना समाहित हैं , जो भारतीय संस्कृति की विशेषता भी है। यह मॉडल भारत को भविष्य में विश्वगुरु बनाने में भी अहम योगदान देगा। डॉ. रवि कुमार सिंह ने चर्चा के दौरान कहा, कि विकसित भारत @2047 का लक्ष्य आसान नहीं है।

 हमें विकसित देशों द्वारा की गयी गलतियों से सीखना होगा और उस अनुभव के आधार पर कार्य करने होंगे। जिससे सभी‌ चुनौतियों का सामना आसानी से और विकास के नये अवसरों का मार्ग प्रशस्त किया जा सके। प्रोफेसर नवीन कुमार अरोरा ने अपने विचार रखते हुए कहा, कि सुव्यवस्थित ढंग से एक साथ कार्य करके विकसित भारत @ 2047 के विभिन्न लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति का व्यवहारिक परिवर्तन और जागरूकता किसी भी नयी पहल‌ को बेहतरीन परिणाम तक पहुंचाने के लिए जरूरी है। 
   ‌              

ये भी पढ़े:-अयोध्या: प्राण प्रतिष्ठा में वही आएं जिनके पास निमंत्रण, सीएम योगी ने दिए निर्देश, कहा- 100 हवाईजहाज आने की संभावना

संबंधित समाचार