मुख्तार अंसारी के करीबी को मिली राहत, मकान के ध्वस्तीकरण आदेश पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी गणेश दत्त मिश्रा को बड़ी राहत देते हुए उनके मकान के ध्वस्तीकरण आदेश पर तीन हफ्तों के लिए रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने याची रीमा मिश्रा को दो हफ्तों के अंदर रिवीजन दाखिल करने की छूट दी है, साथ ही कोर्ट ने सक्षम प्राधिकारी को छह हफ्तों में मामले को निस्तारित करने का भी आदेश दिया है।
याचिका पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति मनीष निगम की खंडपीठ ने याची के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद उक्त आदेश सुनाया। मालूम हो कि गणेश दत्त मिश्रा की पत्नी रीमा मिश्रा के नाम पर मौजा मोहम्मद पट्टी, महुआबाग, गाजीपुर में मकान है,जिसके खिलाफ सदर एसडीएम, गाजीपुर और सक्षम प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र ने ध्वस्तीकरण आदेश दिया था।
ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ डीएम व नियंत्रक अधिकारी ने भी रीमा मिश्रा की अर्जी 19 दिसंबर को खारिज कर दी। इस मामले में सक्षम प्राधिकारी के आदेश के अनुपालन में 27 दिसंबर 2023 को ध्वस्तीकरण की तिथि निश्चित की गई थी। इस संदर्भ में याची को गत 20 दिसंबर 2023 को एक नोटिस जारी किया गया।
नोटिस के खिलाफ याची ने हाईकोर्ट में तर्क दिया कि यूपी रेगुलेशन ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशंस एक्ट,1958 के तहत रिवीजन दाखिल करने का याची का अधिकार प्रतिबंधित हो गया है, क्योंकि रिवीजन की कार्यवाही के लिए उसे उपयुक्त समय नहीं दिया गया है, जिस पर कोर्ट ने ध्वस्तीकरण आदेश पर रोक लगा दिया।
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