बरेली: डोर टू डोर- वेतन न मिलने पर कर्मचारियों ने काम बंद रखकर राजेंद्रनगर में लगाया जाम

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Edited By Amrit Vichar
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यूजर चार्ज की कम वसूली पर फंसा पेच, अपर नगर आयुक्त के समझाने पर साढ़े दस बजे निकले काम पर, 11 हजार रुपये के वेतन के बदले यूजर चार्ज की वसूली भी चाहता है निगम

बरेली,अमृत विचार : डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कर रहे कर्मचारियों को नगर निगम 11 हजार रुपये वेतन दे रहा है, लेकिन इसकी एवज में उनकी यूजर चार्ज की वसूली करने की भी जिम्मेदारी तय कर दी है। यूजर चार्ज की वसूली कम होने पर उनका वेतन भी रोक दिया है। इस पर गुस्साए कर्मचारियों ने शुक्रवार की सुबह भी काम बंद रखकर राजेंद्रनगर में झूलेलाल द्वार के पास जाम लगा दिया।

अपर नगर आयुक्त से बातचीत के बाद सफाई कर्मचारी काम पर तो लौट आए लेकिन साफ कर दिया कि समय पर वेतन नहीं मिला तो वे काम नहीं करेंगे। वेतन न मिलने पर कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने से इन्कार कर दिया था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह कुछ कर्मचारी राजेंद्रनगर में कूड़ा कलेक्शन के लिए निकले लेकिन उन्हीं के साथियों ने उन्हें रोक दिया।

इस वजह से घरों से सुबह दस बजे तक कूड़ा नहीं उठ पाया। कूड़ा न उठने की सूचना पर अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार राजेंद्रनगर पहुंचे जहां झूलेलाल द्वार के पास उन्होंने सफाई कर्मचारियों से बात की। कर्मचारी नेता दीपक ने बातचीत के दौरान इस पर नाराजगी जताई कि उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा है। यह भी तय नहीं किया गया है कि नगर निगम का लक्ष्य पूरा करने के लिए कर्मचारी को कितनी देर काम करना पड़ेगा।

अपर नगर आयुक्त ने सफाई कर्मचारियों को जल्द वेतन दिलाने का आश्वासन दिया। अपर नगर आयुक्त के साथ पार्षद सतीश कातिब, शशिदेवी सक्सेना और आरेंद्र अरोरा भी पहुंचे और कर्मचारियों को समझाया।काफी देर बातचीत के बाद सफाई कर्मचारी रिक्शे लेकर कूड़ा कलेक्शन के लिए निकले। राजेंद्रनगर इलाके में दस बजे के बाद कूड़ा उठना शुरू हो पाया।

ठेकेदार के लिए जैसे काम करते थे, वैसे अब नहीं कर रहे कर्मचारी: अपर नगर आयुक्त ने बताया कि पहले ठेकेदार इन्हीं कर्मचारियों को छह हजार रुपये देते थे। यूजर चार्ज की वसूली का भी उनसे हिसाब भी लेते थे। ये कर्मचारी उस समय जितनी वसूली कर रहे थे, उतनी वसूली कर अब तक नगर निगम में जमा नहीं कर पाए हैं। इसके बावजूद 11 हजार का वेतन चाहते हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम इसके बाद भी उन पर नरमी बरत रहा है।

स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी नहीं आया साथ: सफाई का काम स्वास्थ्य विभाग के अधीन है लेकिन दो दिन से डोर टू डोर सफाई कर्मियों के काम बंद रखने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कोई सुध नहीं ली। शुक्रवार को झूलेलाल द्वार के पास काम बंद कर जाम लगाया लेकिन तब भी मौके पर न नगर स्वास्थ्य अधिकारी पहुंचे और न मुख्य खाद्य, सफाई निरीक्षक, जोनल सफाई अधिकारी और सफाई इंस्पेक्टर।

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