बरेली: सख्ती हुई तो नहीं दिखे अवैध खनन माफिया
बरेली, अमृत विचार। छावनी क्षेत्र में अवैध खनन कर रहे माफियाओं के ऊपर जब कार्रवाई होनी शुरू हुई तो माफिया भी खनन करने से घबराने लगे। शुक्रवार को अमृत विचार अखबार संवाददाता ने सुबह 5 बजे जब मौके पर जाकर पड़ताल की तो पता चला कि अवैध खनन करने के लिए न तो कब्रिस्तान की …
बरेली, अमृत विचार। छावनी क्षेत्र में अवैध खनन कर रहे माफियाओं के ऊपर जब कार्रवाई होनी शुरू हुई तो माफिया भी खनन करने से घबराने लगे। शुक्रवार को अमृत विचार अखबार संवाददाता ने सुबह 5 बजे जब मौके पर जाकर पड़ताल की तो पता चला कि अवैध खनन करने के लिए न तो कब्रिस्तान की ओर ट्रालियां चली और न ही शमशान भूमि की ओर जेसीबी।
गत दिनों पहले छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी कौशल गौतम की ओर एसएसपी समेत कई अधिकारियों से मदद मांगी गई थी। जिसकी खबर अमृत विचार अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। इसके बाद से खनन माफियाओं ने अवैध खनन करने पर रोक लगा दी है।
बता दें कि कुछ दिनों से कैंट में साई स्टेडियम के पास कब्रिस्तान और शमशाम भूमि के पास पूरी रात खनन हो रहा था। मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रालियां पूरी रात दौड़ती थी। सांठगांठ से यह खेल बड़ी आसानी से चल रहा था। लेकिन जब आला अधिकारियों का शिकंजा कसना शुरू किया तब से यह खेल कम होने लगा।
इससे पहले फजीहत से बचने को पिछले दिनों खनन विभाग के अधिकारियों ने खनन माफियाओं पर सख्ती करने का दिखावा करते हुए मदारी पुलिया के पास मिट्टी लदी ट्रालियां पकड़े जाने पर स्थानीय थाने में खड़ी करवा दी थी। लेकिन कुछ समय बाद ही मामला रफा दफा कर दिया गया।
जिस इलाके में खनन चल रहा है वह छावनी परिषद में आता है। लेकिन सिस्टम में बैठे कुछ अफसरों की मिलीभगत से अवैध खनन का कारोबार करने वाले इसके बदले में मोटी रकम पहुंचा रहे थे।
यदि खनन में लगे वाहनों पर कार्रवाई की नौबत आती है तो फजीहत से बचने को सिर्फ रस्म आदयगी करते हुए एक-दो ट्रैक्टर ट्रालियां पकड़ने के कुछ समय बाद छोड़ दिया जाता है।
रात 1 बजे से सुबह 5 बजे तक चलता है अवैध खनन
माफिया अवैध खनन का काम रात 1 बजे से सुबह 5 बजे तक करते है। इसके लिए माफियाओं ने एक जेसीबी व 5 से 6 ट्रॉलिया मंगा रखी है। स्थानीय लोगों के मुताबिक खनन माफिया असलहों से लैस होते है। खनन का यह काम नकटिया नदी पर चल रहा था। जो शमशान भूमि व क्रबिरस्तान के पास से होकर गुजरती है
