AIIMS Raebareli को मिली डेड बॉडी, MBBS की पढ़ाई में होगी आसानी

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युग दधीचि देहदान अभियान के संस्थापक ने एम्स प्रशासन को सौंपा मृतक का शव 

राही/रायबरेली, अमृत विचार। युग दधीचि देहदान अभियान के संस्थापक रविवार देर शाम कानपुर से एम्स रायबरेली पहुंचे। उन्होंने एम्स प्रशासन को पांचवी डेड बॉडी सौंपी, जिससे एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे प्रशिक्षुओं को पढ़ाई में आसानी होगी। अभी तक एम्स को चार डेड बाडी मिल चुकी हैं जिनके जरिए मेडिकल की पढ़ाई हो रही है। 

रविवार को युग दधीचि देहदान संस्थापक मनोज सेंगर और उनकी पत्नी माधवी सेंगर ने एम्स  एनाटॉमी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डाक्टर रजत शुभ्रा दास को मृतक राम स्वरूप उत्तम (82) निवासी बड़ा गांव जनपद कानपुर की डेड बाडी सौंपी। देहदान अभियान प्रमुख ने बताया कि मृतक ने दिसंबर 2022 में संकल्प पत्र भरा था। 24 दिसंबर 2023 को तड़के राम स्वरूप की मौत की सूचना बड़े बेटे अरुण द्बारा मुझे मिली। एम्स प्रशासन से संपर्क कर एंबुलेंस से मृतक के पार्थिव शरीर  को एनाटॉमी विभागाध्यक्ष को सौंप दिया है।

एनाटॉमी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डाक्टर रजत शुभ्रा दास ने देहदान अभियान प्रमुख मनोज सेंगर और उनकी पत्नी माधवी सेंगर का आभार जताया। अभियान प्रमुख ने बताया कि मृतक की पत्नी कांति देबी, छोटे भाई राम प्रताप उत्तम भतीजे अतुल सहित क्षेत्र के लोगों ने पुष्प माला चढ़ा कर मृतक राम स्वरूप के अंतिम दर्शन कर शव को विदा किया। संस्था प्रमुख ने बताया कि उन्होंने साल 2003में इस अभियान की शुरुआत की थी। 

उन्होंने अब तक 268 डेड बाडी प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज व एम्स को सौंप चुके हैं। अब तक उनके इस अभियान से 3500 लोग जुड़ चुके हैं। एम्स रायबरेली को अब तक पांच देहदान सौंप चुके हैं। इस दौरान प्रो. रजत शुभ्रा दास ने देहदान अभियान प्रमुख मनोज सेंगर और उनकी पत्नी माधवी सेंगर को बाडी प्राप्त का प्रमाण पत्र सौंपा।

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