Fatehpur: सर्दी की रात में अधूरे आवासों में ठिठुरेंगे गरीब परिवार, दूसरी किश्त न मिलने से ठप निर्माण कार्य, प्रधानमंत्री आवासों का मामला
फतेहपुर में सर्दी की रात में अधूरे आवासों में ठिठुरेंगे गरीब परिवार।
फतेहपुर में सर्दी की रात में अधूरे आवासों में ठिठुरेंगे गरीब परिवार। पहली किश्त जारी होते हुए धराशाई कर अपना कच्चा घरौंदा दिया था।
फतेहपुर, अमृत विचार। गलन भरी सर्दी के बीच जिले के करीब साढे सात हजार प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी अपने परिवार के साथ ठिठुरने को मजबूर हैं। आवास योजना के तहत पहली किश्त मिलते ही गरीबों ने अपना कच्चा घरौंदा गिराकर प्रधानमंत्री आवास की नींव रखकर सपना देखा था अब सर्दी-बारिश में पक्की छत नसीब हो सकेगी। लेकिन उन्हें इस बात का गुमान नहीं रहा होगा कि दूसरी किश्त आने में हो रही लेटलतीफी के कारण खुली छत के नीचे गुजर बसर करना पड़ सकता है।
जिले के 7453 लाभार्थियों के परिवार सर्दी की रात में ठिठुरने को मजबूर हैं। जारी हुई पहली किश्त से नींव तक काम हुआ। दूसरी किश्त जारी नहीं होने से काम पर ब्रेक लग गया। लाभार्थियों के परिवार खुले आसमान के नीचे पन्नी या घास-फूस की झोपड़ी डाल कर किश्त जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
जिले में वर्ष 2023-24 में ग्राम पंचायतों में खुली बैठक कर सत्यापन और टीमों की जांच कर जिले के 7453 लाभार्थियों के खाते में पहली किश्त के 40 हजार भेजी गई थी। सचिवों के दबाव में लाभार्थियों ने कच्चा घर ढहाते हुए काम शुरू कराया। पक्के छत का सपना पूरा करने के लिए आनन फानन पहले किश्त से काम शुरू कराया, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी लाभार्थियों की दूसरी किश्त नहीं आई।
गलन भरी सर्दी के बीच लाभार्थियों का मकान निर्माण ठप हो गया। लाभार्थियों को सर्दी के बचाने के लिए ठिकाना खोजना पड़ रहा है। लाभार्थियों ने बताया कि पीएम आवास आने के बाद हमने अपना कच्चा घर गिराकर पक्का निर्माण शुरू किया था लेकिन महीनों बीत गए दूसरी किस्त नहीं आई। सर्दी में रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं है।
क्या बोले लाभार्थी….
विकास खंड धाता की ग्राम पंचायत घरवासीपुर निवासी द्विव्यांग पुष्पा देवी पुत्री स्वर्गीय गोविन्द कुमार सोनकर ने बताया कि अंतिम किस्त रुक जाने के कारण आवास का निर्माण ठप हो गया है। जिससे ठंड के महीने में पल्ली तिरपाल डालकर परिवार गुजर बसर कर रहा है। कई बार प्रधान से कहा गया है लेकिन कुछ नहीं हो रहा है।
धाता विकास खंड क्षेत्र के नसीरपुर निवासी उर्मिला पति वीरेंद्र पाल ने बताया कि पहली किस्त ही अभी तक प्राप्त नहीं हो पाई है। आवास की किस्त किसी कारण ऐयरटेल मनी बैंक में किसी राज बहादुर के खाता में ट्रांसफर हो गई। जिसकी वजह से जियो टैग ही नहीं हो पा रहा है। इस लिए अभी तक कच्चा माकान में परिवार जीवन यापन कर रहा है।
बजट मिलते ही दूसरी किश्त की धनराशि लाभार्थी के खाते में भेज दी जाएगी। सभी लाभार्थियों का समय पर आवास निर्माण हो सकेगा।- शेषमणि सिंह, परियोजना निदेशक
ये भी पढ़ें- Fatehpur: सजगता भूले, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग गायब, कोविड को लेकर नहीं कोई सजगता, हर जगह हो रही अनदेखी
