पीलीभीत: बीता साल, नहीं हो सका शहर के गांधी स्टेडियम का उद्धार
तीन बार बदला प्रस्ताव, 10 करोड़ से 4.80 करोड़ रह गया बजट
पीलीभीत, अमृत विचार। सुविधाओं से वंचित चल रहे गांधी स्टेडियम का उद्धार कराने के लिए वर्ष 2022 में बीड़ा उठाया गया था। जहां शासन में वार्ता करने के बाद स्टेडियम में खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा के लिए एसी पवेलियन हॉल,बैडमिंटन पवेलियन, बॉस्केट बॉल, पाथवे और सुरक्षा कर्मी के बैठने के लिए गार्ड रुम का निर्माण होना शामिल किया गया था।
जिसके लिए अगस्त 2022 में छह करोड़ का एस्टीमेट बनाकर भेजा गया था। जो काफी समय तक शासन में लंबित रहा। मगर सुनवाई नहीं हुई। जब फाइल पर अफसरों ने देखी। तो पूरे जोश के साथ खेल विभाग को छह करोड़ का एस्टीमेट कम आकलन करते हुए पुन: 10 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेजने के लिए कहा। ताकि गांधी स्टेडियम में अन्य कार्यो को भी कराया जा सके।
इस पर खेल विभाग की ओर से कई अन्य कार्यो को सम्मालित करते हुए दोबारा से जुलाई 2023 में प्रस्ताव भेजा गया। खेल विभाग के अफसरों को लगा कि अब गांधी स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं मिल सकेगी। मगर ऐसा नहीं हो सका। फाइल की स्वीकृति के लिए अफसर इंतजार करते रहे। जब फाइल का नंबर आया। तो नवागत अफसर ने एस्टीमेट को अधिक बताकर सिर्फ आवश्यक कार्य करने के लिए ही बजट देने की बात कही।
जिसके बाद तीसरा एस्टीमेट को संशोधित करते हुए शासन को भेजा गया। फिलहाल संशोधित एस्टीमेट में शहरवासियों को एसी पवेलियन और पाथवे से महरुम कर दिया गया है। स्टेडियम के अब सिर्फ 4.80 करोड़ का बजट ही स्वीकृत किया है। हालांकि अभी बजट नहीं मिला है। इस बजट से गांधी स्टेडियम में अब सिर्फ गार्ड रुम, बैडमिंटन कोट, प्रशासनिक भवन का नवीनीकरण, क्रिकेट पिच, बॉस्केट बॉल और चेजिंग रुम ही बन सकेगा। इधर, मौजूदा साल खत्म होने को है, फिलहाल अफसर आने वाले साल में गांधी स्टेडियम में नई सुविधाएं मिलने की उम्मीद में है।
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