लकड़ी का अवैध कारोबार: 453 वाहनों की चेकिंग, 4.78 करोड़ के बिलों की जांच जारी
बरेली, अमृत विचार। अवैध तरीके से दूसरे जिलों से लकड़ी का कारोबार करने की सूचना पर राज्य कर विभाग की टीमों ने दो दिनों में 453 ट्रकों की जांच की। इनके पास से 4.78 करोड़ रुपये के ई-वे बिल मिले हैं, जिन्हें स्कैन करने के बाद टैक्स चोरी का पता चला है।
राज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ओपी चौबे ने बताया कि प्लाईवुड इंडस्ट्री वालों ने शिकायत थी कि अवैध तरीके से लकड़ी का कारोबार हो रहा है। दूसरे जिलों से बरेली और रामपुर में लकड़ी लाकर सस्ते दामों में बेचने से उन्हें कच्चा माल नहीं मिल पाता है। इसका संज्ञान लेकर सचल दल की चार टीमों को शहर से सटे सभी टोल प्लाजा और बार्डर पर अलर्ट कर दिया गया।
सूचना थी कि सरकारी अवकाश के चलते इन दिनों ट्रकों की आवाजाही ज्यादा रहती है। जिसके चलते 24 और 25 दिसंबर का दिन तय कर अभियान चलाया गया। इस दौरान फतेहगंज पूर्वी, फरीदपुर और फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा पर पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर से गुजरने वाले करीब 450 वाहनों की जांच की गई।
इनके पास 4.78 करोड़ रुपये के ई-वे बिल मिले हैं। इनमें 124 वाहनों में लकड़ी थीं और इनके 1.79 करोड़ के ई वे बिल स्कैन किए गए। इसके अलावा छह वाहनों में करीब 34 लाख रुपये की लकड़ी मिलीं। इनके प्रपत्रों में भारी कमियां मिलने पर सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। ओपी चौबे ने बताया कि लकड़ी पर 12 फीसदी जीएसटी सरकार को देनी है। जांच पूरी होने और नोटिस को जवाब आने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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