शाहजहांपुर: राजस्व राज्यमंत्री ने की राजस्व और चकबंदी के कार्यों की समीक्षा
शाहजहांपुर, अमृत विचार। राजस्व राज्यमंत्री ने विकास भवन सभागार में राजस्व और चकबंदी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने धारा 24, 34, 38, 67, 80, 116 व राजस्व संहिता की स्थिति, ई-डिस्ट्रिक्ट के तहत आने वाले आवेदनों के निस्तारण, राजस्व वसूली की स्थिति को जांचा। आईजीआरएस, राजस्व वादों में पंजीकृत निस्तारित और तीन से पांच वर्ष के लंबित वादों के निस्तारण के संबंध में समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिए कि तहसील वार धारा 24, 34, 38, 67, 80, 116 के अंतर्गत समीक्षा करते हुए राजस्व संबंधी सभी वादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर समय पर किया जाए। प्रतिदिन की तिथि लगाकर इन वादों को एक माह में निस्तारित करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने धारा 67 के अन्तर्गत सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे पर कार्रवाई करने और लगाए गए जुर्माने की वसूली को यथाशीघ्र वसूलने के निर्देश दिए। गंगा, रामगंगा की तीन अरब दो करोड़ रुपए की भूमि खाली कराए जाने पर उन्होंने अधिकारियों की सराहना भी की।
उन्होंने कहा कि यह सरकार की प्राथमिकता का कार्य है। अवैध रूप से कब्जा करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने बड़े भूक्षेत्र वाली भूमि को चिन्हित करते हुए प्राथमिकता से कब्जामुक्त कराने के निर्देश दिए। धारा 24 अन्तर्गत तहसील सदर में पांच वर्ष से अधिक लंबित दो वादों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित कराते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश उप जिलाधिकारी सदर को दिए। तहसील कलान में पांच वर्ष से अधिक लंबित वादों को एक माह में निस्तारित करने के लिए निर्देशित किया।
पुवायां तहसील में पांच वर्ष से अधिक 345 लंबित वादों पर नाराजगी जाहिर करते हुए रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। धारा 67 के अन्तर्गत पुवायां में 5 वर्ष से अधिक 177 वाद लंबित होने पर कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी तहसीलदारों को निर्देशित करते हुए कहा कि धारा 67 के अन्तर्गत वादों के सापेक्ष कितनी जमीनें खाली कराई गई और किताना जुर्माना वसूला गया है यह रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। कहा कि उच्च न्यायालयों में लंबित प्रकरणों पर शासन की ओर से अपना पक्ष मजबूती के साथ प्रस्तुत करें।
धारा 80 के अन्तर्गत समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए अनआथोराइज्ड कॉलोनियों को जमीन न दें, औद्योगिक एवं विकास कार्यों के लिए ही भूमि उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने उपजिलाधिकारी न्यायालय में लंबित धारा 116 के प्रकरणों के संबंध में कहा कि व्यवहारिक स्तर से भी वादों का निस्तारण यथाशीघ्र किया जाए। लक्ष्य के सापेक्ष की गई वसूली की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यथाशीघ्र शत-प्रतिशत वसूली करना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने चकबंदी विभाग की समीक्षा करते हुए जनपद में चकबंदी ग्रामों की जानकारी ली। अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन ग्रामों में लंबे समय से चकबंदी पूरी नहीं हो पाई है वहां जल्द से जल्द पूरी की जाए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी एसबी सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार पांडेय आदि रहे।
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