पीलीभीत: तहसील कर्मचारी ने नौकरी के नाम पर रिटायर्ड राजस्वकर्मी से ठगे थे 10 लाख, 9 साल बाद लिखी FIR...जानें पूरा मामला
पीलीभीत, अमृत विचार। बरेली की नवाबगंज तहसील के कर्मचारी सैय्यद कामरान अली पर धोखाधड़ी, अमानत में खयानत समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी ने राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी से नौ साल पहले बेटे की वाणिज्य विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर दस लाख रुपये ठगे थे। इतना ही एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी दे दिया था। कई साल बाद तक एसपी के आदेश पर मामले में कानूनी कार्रवाई की गई है।
शहर के निरंजन कुंज कॉलोनी के निवासी राजेश कुमार सक्सेना ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उनके सेवाकाल के दौरान तहसील बीसलपुर में बरेली के मोहल्ला कटकुइया निवासी सैयद कामरान अली भी काम करता था, जो कि वर्तमान में तहसील नवाबगंज में तैनात है। जिससे उनकी जान पहचान हो गई थी। आरोपी ने पीड़ित को वाणिज्य विभाग में अच्छी पैठ होना बताया। कहा कि वह उनके बेटे की नौकरी वाणिज्य विभाग में लगवा देगा। नियुक्ति पत्र प्राप्त होने पर दस लाख रुपये देना बताया था।
इस पर हामी भर दी गई। कुछ समय बाद आरोपी ने एक नियुक्ति पत्र की फोटो दिखाई और बताया कि ये डाक के माध्यम से जल्द घर पहुंचेगा। इस पर 18 मई 2014 को दस लाख रुपये चेक द्वारा दे दिए गए थे। कुछ समय बाद एक नियुक्ति पत्र भी डाक से आया। जब पुत्र सचिन सक्सेना को साथ लेकर वाणिज्य कर अधिकारी सोनभद्र के कार्यालय पर गए थे। तब जाकर पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। ऐसी कोई भर्ती होनी ही नहीं है। ठगी को लेकर आरोपी से सवाल जवाब किए तो अनसुना कर दिया। रुपये लौटाने में भी टालमटोल की गई। 18 अगस्त 2023 को आरोपी ने रुपये लौटाने से ही इनकार कर दिया। कोतवाली पुलिस ने मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज की है।
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