प्रयागराज: माघ मेले से पहले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से हो रहा खिलवाड़!, गंगा में सीधे मिल रहा नाले का पानी, देखें video

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मिथलेश त्रिपाठी, प्रयागराज। गंगा-यमुना और अदृश्य सरस्वती के मिलाप संगम में आने वाले लाखों श्रृद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। संगम में इन दिनों नाले का गंदा पानी सीधे गंगा में मिल रहा है। इस गंदे पानी के मिलाप से जहां एक तरफ गंगा का पानी प्रदूषित हो रहा है वहीं दूसरी तरफ लाखों श्रृद्धालुओं की अस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस गंभीर मामले में विभागीय अधिकारी मौन है। 

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मालूम हो संगम नगरी प्रयागराज में एक माह के लिए रेत की नगरी में तंबुओ का डेरा डालकर दूर दराज से लोग कल्पवास कर मोक्ष की कामना करने के साथ पुण्य अर्जित करने के लिए आते है। यहां दोनो समय गंगा स्नान कर पूजा पाठ करते है। 14 जनवरी मकर संक्रांति से शुरु होने वाले पहले स्नान के पहके बुधवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेले की तैयारियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया था की मेले में आने वाले कल्पवासियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। लेकिन यहां के अधिकारियों के कान में जूं तक नही रेंग रही है।

बता दें कि यमुनानगर के अरैल बांध रोड के नीचे बने दो नालो का गंदा पानी सीधे गंगा और यमुना में छोड़ा जा रहा है। कहा यह जा रहा है कि यह नाले का पानी एस टी पी से ट्रीट करने के बाद छोड़ा जा है लेकिन हो कुछ और ही रहा है। नैनी, महेवा इंदलपुर, अद्योगिक सहित तमाम ऐसे इलाके है जहां का गंदा सीवरेज का पानी गंगा में छोड़ा जा रहा है। जिससे गंगा प्रदूषित हो रही है। साथ ही गंगा में स्नान करने वाले लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। 

शहर में बने है 81 नाले

बताते है कि शहर में कुल 81 नाले बने है। जिसमे 37 नालो को टैप किया गया है। 44 नाले अभी टैप नही किये गये है। इन नालो में तीन नालों की स्वीकृति भी मिल गयी है। बाकी अन्य नालों को नगर निगम की तरफ से बायोरेमिडियेशन किया जा रहा है। नैनी के मवाइया नाले कों पहले से बंद कर उसे अरेल बांध रोड के नाले से जोड़ा गया है। जो एस टी पी से जुड़ा है। वहां से ट्रीट होने के बाद ही गंगा में पानी छोड़ा जा रहा है। 

तीन एसटीपी का होगा निर्माण

अधिकारी बताते कि तीन अन्य एसटीपी का निर्माण होना है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया। जिसमें नैनी, सलोरी और राजापुर शामिल है। इनके बनने के बाद काफी सहूलियत होगी।

नैनी बांध से नाले से छोड़े जाने वाला पानी एसटीपी से ट्रीट कर के छोड़ा जा रहा है। वह पानी गंदा नही है। इस नाले के पानी के छोड़े जाने से किसी प्रकार की कोई दिक्क़त नही होगी।

                                     सुरेंद्र सिंह परमार, परियोजना प्रबंधक, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई

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