बरेली: सात महीने दस महिलाओं की हत्या बनी पहेली, तीन के खुलासे का दावा
बरेली, अमृत विचार। जिले में दस महिलाओं की हत्या पहेली बनी हुई है। जिसमें तीन हत्याओं का खुलासा होने का दावा किया जा रहा है। अन्य हत्याओं को लेकर पुलिस के हाथ आज तक खाली हैं। कहने को शाही, शेरगढ़ फतेहगंज पश्चिमी में पुलिस की टीम लगाई गई हैं। घटना को साइको किलर से भी जोड़ा जा रहा है। कैंट में हुई महिला की हत्या को लेकर भी पुलिस के हाथ खाली हैं। यह मामला संसद में भी उठ चुका है, लेकिन पुलिस के हाथ खाली हैं।
जल्द खुलासे के दावे के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। शाही, शेरगढ व फतेहगंज पश्चिमी में हुई नौ महिलाओं की हत्या को लेकर एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान का कहना है कि नौ हत्याएं हुई हैं, उनमें तीन का खुलासा हो चुका है। तीन महिलाओं का विसरा सुरक्षित किया गया है, उसमें अभी हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। तीन घटनाओं की विवेचना चल रही है। इलाके में महिला अफसरों को भी लगाकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है।
जून से अब तक हुई महिलाओं की हत्याएं
5 जून शाही के गांव परतापुर निवासी कलावती का शव जंगल में पड़ा मिला था। उसके नाक-कान के आभूषण गायब थे। मगर इस मामले में परिजन ने पुलिस कार्रवाई नहीं की।
19 जून शाही रोड के किनारे गन्ने के खेत में कुल्छा गांव की धनवती का शव पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम में बिसरा सुरक्षित किया गया, लेकिन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
30 जून शाही के गांव आनंदपुर की प्रेमवती का शव गन्ने के खेत में मिला था, गले में साड़ी का फंदा लिपटा। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी।
22 जुलाई शाही के गांव खजुरिया निवासी कुसमा की लाश मिर्च के खेत में मिली थी। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई थी। रंपुरा गांव के राजेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
19 अगस्त शाही के खेउ की गौंटिया में पति नैपाल सिंह ने भीमवती को जिंदा जलाकर हत्या कर दी। इस मामले का खुलासा कर पुलिस ने सोमवार को उसे जेल भी भेज दिया।
23 अगस्त शाही के गांव सेवा ज्वालापुर निवासी वीरावती का शव जंगल में अर्द्धनग्न हालत में मिला था। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी। इस हत्या को लेकर ग्रामीणों ने हंगामा कर 12 घंटे तक रोड जाम रखा था।
31 अक्तूबर शीशगढ़ के गांव लखीमपुर में 60 वर्षीय महमूदन की हत्या की गई थी। उनका शव गन्ने के खेत में मिला था और गले में दुपट्टे से फंदा कसा था।
20 नवंबर शाही के गांव खरसैनी निवासी 60 वर्षीय दुलारो देवी का सड़ा गला शव उनके खेत से बरामद हुआ और ऊपर से घास पड़ी हुई थी। उनके गले में भी साड़ी का फंदा कसा था।
26 नवंबर को शीशगढ़ के जगदीशपुर में उर्मिला (55) की हुई, उनका शव खेत में पड़ा मिला। सिर और नाक से खून निकल रहा था। साड़ी के फंदे से गला कसा हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई है।
20 दिसंबर ठिरिया निजावत के बाग में 22 वर्षीय अज्ञात महिला की किसी ने गला रेत कर हत्या कर दी।जांच में सामने आया कि हत्यारोपी हत्या करने के बाद शव फेंककर फरार हो गए। महिला का अर्धनग्न हालत में शव पड़ा देख दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई गई थी। जिसकी आज तक पहचान नहीं हो सकी।
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