बरेली: सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने का दावा...भीषण ठंड में भी फर्श पर बैठ रहे बच्चे
बरेली, अमृत विचार। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को तमाम आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराने के दावे अफसर कर रहे हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। नगर में अभी कई ऐसे स्कूल हैं, जहां बच्चों के बैठने के लिए जरूरी फर्नीचर तक नहीं है।
भीषण ठंड हो या गर्मी बच्चे जमीन पर बिछाई गई पतली टाट पट्टी पर ही बैठने को मजबूर हैं। फर्नीचर मुहैया कराने के लिए शिक्षक वर्षों से अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, मगर अब तक सुनवाई नहीं हुई है।
बेसिक शिक्षा के साथ स्कूलों की भी दशा खराब है। भीषण ठंड में भी बच्चों को स्कूलों में बैठने के लिए कुर्सी मेज तक नहीं है। जबकि दावा परिषदीय विद्यालयों को स्मार्ट बनाने और कान्वेंट स्कूलों को टक्कर देने का किया जा रहा है। नगर क्षेत्र में कुल 90 परिषदीय स्कूल हैं। जिनमें करीब 12 ऐसे स्कूल हैं, जहां बच्चे हर मौसम में बच्चे जमीन पर ही बैठ कर पढ़ाई करते हैं। इन स्कूलों में बच्चों के लिए फर्नीचर ही नहीं है। इसके अलावा कई ऐसे स्कूल भी हैं, जहां बच्चों की संख्या की अपेक्षा बहुत कम फर्नीचर है।
सुभाष नगर स्थित आदर्श प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका सीमा कश्यप बताती हैं कि उनके स्कूल में 205 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन यहां बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर नहीं है। इस संबंध में कई बार विभागीय अफसरों को पत्र लिखा जा चुका है, मगर अभी तक विद्यालय में फर्नीचर उपलब्ध नहीं कराया गया है। बताया कि बच्चों को टाट पट्टी पर बैठाया जाता है। उन्हें ठंड न लगे, इसके लिए स्कूल में अलाव की व्यवस्था की जाती है।
नगर के इन स्कूलों में नहीं है फर्नीचर
सुभाष नगर प्राथमिक विद्यालय द्वितीय, चीनी मिल प्राथमिक स्कूल, सिठौरा प्राथमिक स्कूल, नेकपुर प्राथमिक स्कूल, हरूनगला प्राथमिक स्कूल आदि में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है।
जिन नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में फर्नीचर उपलब्ध नहीं है। ऐसे स्कूलों की सूची बनाकर नगर निगम को भेजी गई है। संबंधित अधिकारियों के मुताबिक एक दो महीने में स्कूलों में फर्नीचर उपलब्ध करा दिया जाएगा। कायाकल्प योजना के तहत शतप्रतिशत स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था जल्द करा दी जाएगी।-तौसीफ अनवर , खंड शिक्षा अधिकारी
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