बरेली: स्टेशन अधीक्षक समेत निलंबित हुए चारों कर्मचारी मंडल कार्यालय में तलब
बरेली, अमृत विचार। एसी कोच डिरेलमेंट मामले में निलबिंत हुए स्टेशन अधीक्षक समेत चारों लोगों को मंडल कार्यालय में तलब किया गया है। वहां पर चारों से पूरे प्रकरण के बारे में पूछताछ की जाएगी। इसके बाद कमेटी की जांच शुरू होगी। सीनियर डीओएम नवीन झा ने बताया कि शुक्रवार की शाम को घटना हुई …
बरेली, अमृत विचार। एसी कोच डिरेलमेंट मामले में निलबिंत हुए स्टेशन अधीक्षक समेत चारों लोगों को मंडल कार्यालय में तलब किया गया है। वहां पर चारों से पूरे प्रकरण के बारे में पूछताछ की जाएगी। इसके बाद कमेटी की जांच शुरू होगी।
सीनियर डीओएम नवीन झा ने बताया कि शुक्रवार की शाम को घटना हुई थी। इसके बाद शनिवार को चार कर्मचारियों के प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया गया था। चूंकि अगले दिन रविवार पड़ गया था इसलिए कोई भी जांच कमेटी नहीं बन पाई थी। जांच कमेटी सोमवार को बनाई जाएगी।
इससे पहले निलबिंत हुए स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह, स्टेशन मास्टर (यार्ड मास्टर) आदिल गुफरान, दो शांटिग स्टाफ अविनाश और आलोक को पूछताछ के लिए मंडल कार्यालय में तलब किया है। स्टेशन अधीक्षक से रोस्टर बदलने को लेकर भी पूछताछ हो सकती है। सीनियर डीओएम खुद इस मामले में चारों लोगों से पूछताछ करेंगे।
इसके बाद कमेटी मामले की जांच करेगी। कमेटी जो भी रिपोर्ट देगी उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। स्टेशन अधीक्षक के निलंबित होने के बाद से जंक्शन पर कर्मचारियों में भय का माहौल साफ दिख रहा है। कर्मचारियों को डर है कि कोच डिरेलमेंट मामले के साथ जंक्शन के कहीं दूसरे पुराने मामले न उखड़ जाएं।
उरमू कार्यकर्ताओं का आरोप रोस्टर बदलने से हुआ डिरेलमेंट
उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन (उरमू) के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्टेशन अधीक्षक के रोस्टर बदलने की वजह से यह हादसा हुआ है। बीते दिनों उरमू के कार्यकर्ताओं ने स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह को एक पत्र लिखकर रोस्टर न बदलने की अपील की थी। लिखित पत्र में यह भी कहा था कि पुराने रोस्टर के हिसाब से यदि ड्यूटी होगी तो किसी भी हादसे के होने के कम आसार है। लेकिन स्टेशन अधीक्षक ने अपने आगे किसी की भी नहीं चलने दी। यूनियन का पत्र भी मंडल के अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया। इसका अंजाम शुक्रवार को कोच डिरेलमेंट मामले के रूप में सामने आया। यूनियन के लोगों का कहना है कि यदि रोस्टर नहीं बदला जाता तो शायद यह घटना न होती।
