तंबाकू का सेवन न करने से घातक बीमारियों से मिलेगा छुटकारा, सार्वजनिक स्थानों पर स्मोकिंग करना अपराध 

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संवाददाता, बहराइच, अमृत विचार। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के सभागार कक्ष में ओरिएंटेशन ऑफ स्टेक होल्डर आर्गेनाइजेशन प्रशिक्षण/ उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण/ उन्मुखीकरण कार्यशाला में बेसिक शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, रेल विभाग समेत विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग कर तम्बाकू नियंत्रण पर प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यशाला में तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों और बचाव के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया।

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि तंबाकू का सार्वजनिक स्थानों पर स्मोकिंग करना अपराध है। पकड़े जाने पर दो सौ रुपये जुर्माना हो सकता है। उन्होंने बताया कि तंबाकू उत्पाद पर चेतावनी चित्र होना जरूरी है। उप मुख्यचिकित्साधिकारी डॉ. संजय सोलंकी ने कहा कि समाज में तम्बाकू का सेवन पुरुषों के साथ महिलाओं द्वारा भी बहुत अधिक मात्रा में किया जा रहा है। इसके परिणाम बहुत ही गंभीर हैं, तम्बाकू का धुआं लोगों के लिए हानिकारक है। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीके बांदिल ने कहा कि तनाव का सबसे बड़ा कारण नशा ही है। आत्महत्या का मुख्य कारण तनाव है और तनाव का मुख्य कारण है।

संचालन कर रहे एनसीडी के डॉ. परितोष तिवारी ने तंबाकू के सेवन से होने वाली बीमारियों व उससे बचाव की जानकारी देते हुए कहा कि तम्बाकू उत्पादों से मुंह में छाले पडऩा, गले में छाले पडऩा, पेट में छाले पडऩा तथा फेफड़ों में छाले पड़ जाते हैं तथा टीवी होने की संभावना बढ़ जाती है। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. विजित जायसवाल ने बताया कि तम्बाकू के उपयोग का प्रभाव केवल मृत्यु दर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन की गुणवत्ता और खराब मानसिक स्वास्थ्य से निपटने के प्रयासों को भी प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए तम्बाकू मानसिक स्वास्थ्य के लिए कुछ दवाओं की प्रभावशीलता को कम कर देता है।जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी बृजेश सिंह ने जिले में राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम की उपलब्धियों व वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि तंबाकू जनित रोगों से प्रतिवर्ष कई लोगों की मृत्यु हो जाती है। तंबाकू एवं सिगरेट से होने वाले हजारों प्रकार की घातक बीमारियों जैसे कैंसर, हृदय रोग एवं फेफड़ों आदि की बीमारी और असामयिक मृत्यु से संबंधित प्रचार-प्रसार को युक्तिसंगत तरीकों से लागू करने के लिए सरकारी कर्मियों के माध्यम से आम लोगों को जागरूक करना आवश्यक है। इस मौके पर डा. निर्मेष श्रीवास्तव, खाद्य एवं रसद विभाग से अभिषेक कुमार, अजय कुमार सिंह, डॉ. रामतेज, मुकेश कुमार श्रीवास्तव, डा. विश्राम रावत, विनोद कुमार शर्मा, एनसीडी सेल से विवेक श्रीवास्तव, मो. हारून, फहीम अहमद, शरद श्रीवास्तव, एनसीडी क्लीनिक से डॉ० रियाजुल हक, पुनीत शर्मा, संतोष सिंह, बृज प्रकाश, मनीष कुमार सिंह, राज कुमार महतो, सीमा कुमारी, अजय एवं मुकेश हंस आदि मौजूद रहे।

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