बरेली: कोविड जांच लैब में मनमानी, सीएमएस का निर्देश भी नजरअंदाज

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बरेली, अमृत विचार। 300 बेड अस्पताल का संचालन सही तरह से शुरू भी नहीं हुआ है कि स्टाफ के बीच राजनीति शुरू हो गई। डाक्टर से लेकर स्टाफ स्तर पर एक दूसरे को कमजोर दिखाने के लिए नाफरमानी के मामले सामने आने लगे हैं। रविवार की बात है। कई दिनों से अस्पताल के प्रथम तल …

बरेली, अमृत विचार। 300 बेड अस्पताल का संचालन सही तरह से शुरू भी नहीं हुआ है कि स्टाफ के बीच राजनीति शुरू हो गई। डाक्टर से लेकर स्टाफ स्तर पर एक दूसरे को कमजोर दिखाने के लिए नाफरमानी के मामले सामने आने लगे हैं। रविवार की बात है। कई दिनों से अस्पताल के प्रथम तल पर कोविड वार्ड में भर्ती रहकर इलाज कराकर कई संक्रमित मरीज पहले से बेहतर हैं।

वह पॉजिटिव हैं या निगेटिव हो गए, इसकी जांच कराने के लिए मरीज फ्लू कॉर्नर स्थित कोविड जांच लैब पहुंचे। बताते हैं कि लैब स्टाफ ने कोविड जांच करने से इनकार कर दिया। यह बात सीएमएस डा. बागीश वैश्य को मालूम हुई। उन्होंने तीनों की जांच कराने के लिए लैब में अपना लिखित भिजवाया।

स्टाफ ने उसे भी नजरअंदाज कर दिया। बहरहाल, रविवार दोपहर तक उन संक्रमित मरीजों की जांच नहीं हुई। सीएमएस डा. वैश्य ने स्वयं इससे रूबरू कराया। इस स्थिति में माना जा रहा है कि टेस्ट लैब स्टाफ मनमानी तरीके से जांच कर रहा है।

यह हालत तब है, जब 300 बेड अस्पताल पर अभी कोविड मरीजों का लोड नहीं है। कोविड मरीजों के भर्ती होने के बाद स्थितियां और खराब हो जाएंगी। अस्पताल के स्टाफ में ऐसी चर्चा अभी से हो रही है।

नोडल अधिकारी के दौरा करने से पहले परिसर में घूमते मिले संक्रमित
नोडल अधिकारी नवनीत सहगल पूर्वाह्न करीब 11 बजे 300 बेड कोविड अस्पताल के आईसीयू का निरीक्षण करने जाएंगे, ऐसी प्रारंभिक सूचना मिलने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन सतर्क नहीं हुआ। पहली मंजिल के कोविड वार्ड में भर्ती कई संक्रमित काफी देर तक परिसर में घूमते रहे लेकिन उन्हें किसी ने नहीं टोका। सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि कोविड मरीज कहीं घूमता रहे, कोई देखरेख करने वाला नहीं है। इसी लापरवाही की वजह से पिछले दिनों किशोर जेल का संक्रमित बंदी अस्पताल से भाग गया था।

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