Pakistan: पीटीआई का दावा, उस्मान डार के भाई का 'अपहरण'... परिवार को कमजोर करने की कोशिश

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने शनिवार को दावा किया कि पार्टी के पूर्व नेता उस्मान डार के भाई उमर डार का लाहौर में कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया है। पीटीआई ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) पीएमएल-एन के ख्वाजा आसिफ पर आने वाले चुनाव में डार परिवार की स्थिति को कमजोर करने के लिए इस घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया। लाहौर पुलिस के प्रवक्ता आगा एहतेशाम ने ‘डॉन’ से बातचीत के दौरान उन रिपोर्टों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि पुलिस ने उमर को हिरासत में लिया है।

 उन्होंने इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी। पीटीआई द्वारा एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में,“उमर की मां ने कहा कि उन्हें अभी-अभी लाहौर से अपने बेटे के अपहरण का पता चला है। उन्होंने पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप करने और स्थिति पर ध्यान देने की अपील की।” उन्होंने कहा,“मैं एक मां और विधवा हूं। मैं मौजूदा हालात से बेहद व्यथित हूं। मैं सीजेपी से मेरे बेटे की अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील करती हूं।” उन्होंने कहा, “मैं इन सभी चुनौतियों का सामना केवल इसलिए कर रही हूं ताकि मुझे चुनाव में भाग लेने से रोका जा सके। मुझे अपने कागजात जमा करने के अवसर से वंचित कर दिया गया है और मेरे आवास के बाहर पुलिस कर्मी तैनात हैं। मैं इस सच्चाई पर जोर देती हूं कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य चुनाव में मेरी उम्मीदवारी में बाधा डालना है।”

 पीटीआई ने इंस्टाग्राम पर अपने पोस्ट में कहा,“चुनाव में जांच चरण के दौरान उमर डार का अपहरण पाकिस्तान में चल रहे कानून के मखौल का एक और प्रकरण है।” पीटीआई के दावों का समर्थन करते हुए, पार्टी के एक अन्य नेता उमर अयूब खान ने भी अपहरण की निंदा करते हुए कहा,“रेहाना डार के बेटा उमर ने आसिफ के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए सियालकोट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था - का लाहौर से अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया है।” अयूब ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा,“पीटीआई के खिलाफ आतंक का शासन बेरोकटोक जारी है।” उन्होंने कहा कि सभी को यह एहसास होना चाहिए कि पार्टी प्रमुख व पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पीटीआई जीतेंगे क्योंकि हम सही रास्ते पर हैं।”

 इस बीच, लाहौर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें उमर डार की बरामदगी का आग्रह किया गया है। याचिका में पंजाब पुलिस प्रमुख और लाहौर सीसीपीओ जैसे प्रमुख लोगों को प्रतिवादी के रूप में नामित किया गया है। उस्मान के कानूनी वकील अबुजर सलमान नियाजी की ओर से दायर याचिका में तर्क दिया गया कि डार परिवार को लगातार राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार होना पड़ा। इसमें बताया गया कि डार की मां सिलाकोट में आसिफ के खिलाफ चुनाव लड़ रही थीं और कहा कि परिवार को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए निशाना बनाया जा रहा था। याचिका में अदालत से लापता व्यक्ति की बरामदगी और अदालत के समक्ष पेश होने का आदेश जारी करने का आग्रह किया गया।

डार परिवार की पुलिस छापेमारी और दुर्व्यवहार की शिकायतें नई नहीं हैं। इस महीने की शुरुआत में, डार की मां ने आसिफ और पुलिस पर उनके सियालकोट स्थित घर पर छापा मारने तथा उनके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था। आसिफ और सियालकोट पुलिस ने आरोपों से इनकार किया था। अगस्त में उस्मान डार ने कहा था कि सियालकोट में उनके घर, कारखाने और व्यवसायों को सील कर दिया गया था तथा महिलाओं सहित उनके परिवार के सदस्य ‘राज्य की मनमानी’ के बाद फंसे हुए थे। डार ने एक पोस्ट में कहा था,“राज्य ने हमारे ही देश में रहने का हमारा अधिकार छीन लिया है, झूठे मामलों में अपराधी घोषित कर दिया है और आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।”

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