Exclusive: Unnao के उद्योग अब कोयला व लकड़ी से नहीं बल्कि PNG से चलेंगे, जिले की प्रदूषित आबोहवा होगी शुद्ध
उन्नाव के उद्योग अब कोयला व लकड़ी से नहीं बल्कि पीएनजी से चलेंगे।
उन्नाव के उद्योग अब कोयला व लकड़ी से नहीं बल्कि पीएनजी से चलेंगे। इससे जिले की प्रदूषित आबोहवा शुद्ध होगी। बंथर व दही औद्योगिक क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो गया।
उन्नाव, (द्विजेन्द्र मिश्रा)। यदि सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो जल्द ही जिले की फैक्ट्रियां पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) से चलेंगी। प्रदूषण कम करने के लिये जिले की औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी से चलाने की योजना बनायी गयी है। 200 से अधिक फैक्ट्रियों के संचालकों ने गैस लेने की सहमति दे दी है। पाइप लाइन बिछाने के लिये जिला प्रशासन की अनुमति भी मिल चुकी है। प्रदूषण विभाग ने भी इसके लिए हरी झंडी दे दी है।
बता दें शासन ने प्रदेश के 14 जिलों को वैकल्पिक ऊर्जा से लैस करने की शुरुआत की है। इन जिलों में उन्नाव को भी शामिल किया गया है। पहले चरण में पाइप लाइन बिछाने का काम किया जायेगा। दही व बंथर औद्योगिक क्षेत्र में पाइप लाइन बिछायी जायेगी। जनपद में 200 से अधिक ऐसी औद्योगिक इकाइयां हैं जो तेल, कोयले व अन्य ईंधन से चलती हैं।
इन फैक्ट्रियों के संचालक पीएनजी लेने को तैयार हैं। इन्होंने जिला उद्योग केंद्र को पीएनजी से अपनी फैक्ट्रियों को चलाने की सहमति दे दी है। उधर, जिला प्रशासन से भी पाइप लाइन बिछाने की अनुमति मिल गयी है। प्रदूषण विभाग भी इसके लिए हरी झंडी दे चुका है। सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) के पास पाइप लाइन बिछाने की जिम्मेदारी है।

कम होगा वायु प्रदूषण
नेचुरल गैस से औद्योगिक इकाइयों के संचालित होने से वायु प्रदूषण में काफी हद तक कमी आएगी। उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अनिल कुमार माथुर ने बताया कि इस समय सैकड़ों फैक्ट्रियां तेल, कोयले और अन्य ईंधन से चल रही हैं। इससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। मार्च-23 में वायु प्रदूषण मानक से ज्यादा पाया गया था। नेचुरल गैस से फैक्ट्रियों के संचालित होने से चिमनियां प्रदूषित धुआं फेंकना बंद कर देंगी। इससे वायु प्रदूषण नियंत्रित रहेगा।
घरों में भी होगी सप्लाई
औद्योगिक इकाइयों तक पीएनजी पहुंचाने के बाद दूसरे चरण में घरों में पहुंचाने की भी योजना है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक पहले शहर में इसे शुरू किया जाएगा। मोहल्लेवार सर्वे कराया गया है। जिन मोहल्लों के लोग पीएनजी लेने के इच्छुक हैं, वहां पर पहले पाइप लाइन बिछाई जाएगी। घरों तक पाइप लाइनें पहुंचाकर मीटर लगाया जायेगा।
वन विभाग की एनओसी का इंतजार
जिला उद्योग केन्द्र के अधिकारियों की माने तो वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने का इंतजार किया है। एनओसी मिलते ही दही और बंथर औद्योगिक क्षेत्र में भी पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू कराया जायेगा।
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