रायबरेली: गंगा एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए भूमि देने से किसानों ने खड़े किए हाथ, प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
ऊंचाहार/रायबरेली, अमृत विचार। सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेस हैं और अब गंगा एक्सप्रेस वे के किनारे शासन द्वारा प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की योजना के आरंभ से पहले ही बवाल शुरू हो गया है। क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांव के सैकड़ों किसानों ने कॉरिडोर के लिए भूमि न देने की घोषणा करते हुए एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है।
ज्ञात हो कि निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस वे के पास जनपद के लालगंज और ऊंचाहार के पास औद्योगिक कॉरिडोर बनना है।इस कॉरिडोर के लिए शासन ने हाल ही में घोषणा की है। जिसके साथ भूमि अधिग्रहण का अधिपत्र जारी किया है। इसके बाद किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है। मंगलवार को क्षेत्र के गांव पूरे बाबा का पुरवा, पूरे मुराइन, पूरे खिलमतियन, पूरे भागी, पूरे बखिया सहित करीब आधा दर्जन गांवों के किसान तहसील पहुंचे, जहां किसानों ने भूमि अधिग्रहण के विरोध में नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा काटा।
किसानों का कहना था कि वह अल्पजोत किसान है। उनकी भूमि का अधिग्रहण हो जाने से उनकी जीविका पर संकट पैदा हो जाएगा। जबकि पास के गांव पूरे अपटा से जुड़ा हुआ हजारों एकड़ सरकारी भूमि पड़ी हुई है। जहां पर कॉरिडोर बनाया जा सकता है। इसलिए उनकी भूमिका आज ग्रहण न किया जाए। किसानों ने अधिग्रहण के विरुद्ध एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है। इस प्रदर्शन में प्रमुख रूप से राम नरेश , देश राज , श्याम लाल , फूल चंद्र, महेश कुमार मौर्य , रवि शंकर , हसबुन निशा , शिव नायक पांडेय , हेमराज , जमुना लाल , राम फल आदि सैकड़ों किसान मौजूद थे।
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