बहराइच: रूबी अवस्थी फिर बन सकती हैं रूबीना! न्यायपीठ ने शुरू की सुनवाई, जानें पूरा मामला

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Edited By Amrit Vichar
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बहराइच, अमृत विचार। जनपद के बहुचर्चित रुबीना से बनी रूबी अवस्थी का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) द्वारा यह मामला दोबारा दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर देकर गुण दोष के आधार पर आदेश पारित करने के लिए रिमाण्ड कर यह मामला सीडब्लूसी न्यायपीठ को भेजा है।

इसकी सुनवाई न्याय पीठ द्वारा शुरू कर दी गई है। इस मामले में अब कई नए तथ्य रुबीना के पिता की ओर से प्रस्तुत किए गए हैं। इस बार की सुनवाई में रुबीना के भविष्य का फिर फैसला होना है कि वह रूबी अवस्थी बनी रहेगी अथवा फिर से रुबीना बन जाएगी।

 बाल कल्याण समिति न्यायपीठ (बेंच आफ मजिस्ट्रेट) के अध्यक्ष (जुडिशल मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी)  सतीश कुमार श्रीवास्तव सदस्य /मजिस्ट्रेट श्रवण कुमार शुक्ला, दीप माला प्रधान, नवनीत मिश्रा व अर्चना पांडे द्वारा पारित किए गए आदेश में रुबीना को उनके शैक्षिक अभिलेख के आधार पर बालिग करार दिया गया था। जबकि उनके पिता की ओर से कहा गया था कि उनकी पुत्री किसी विद्यालय में नहीं पढ़ी लिखी है।

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बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सतीश श्रीवास्तव।

 

इस निर्णय/ आदेश के खिलाफ कथित पीड़िता के पिता द्वारा विशेष सत्र न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट)/अपर जिला सत्र न्यायाधीश न्यायालय में अपील प्रस्तुत की गई थी। इस फौजदारी अपील संख्या 37/ 2023 में सुनवाई करके इस न्यायालय द्वारा इस निर्देश के साथ न्याय पीठ बाल कल्याण समिति को यह मामला रिमाण्ड किया गया की न्यायपीठ उभय पक्षों को प्रति परीक्षा का समुचित अवसर प्रदान करते हुए गुण दोष के आधार पर तथाकथित पीड़िता की अभिरक्षा के संबंध में आदेश पारित करें।

यह पत्रावली प्राप्त होने पर न्यायपीठ द्वारा दोनों पक्षों को नोटिस जारी की गई, जिसमें प्रथम पक्ष बालिका के पिता की ओर से उनके अधिवक्ता योगेश कालिया द्वारा इस बार यह कहते हुए कुछ गवाहों को तलब करने हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है कि उनकी बेटी सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत पढ़ी-लिखी है और इसके लिए गवाहों को तलब किए जाने का अनुरोध किया गया है।

इस पर दूसरे पक्ष कथित पीड़िता के ससुर कन्हैया लाल के अधिवक्ता कपीस दीक्षित ने हाजिर होकर इस पर आपत्ति दाखिल करने के लिए अवसर मांगा। अब इस पर न्यायपीठ द्वारा आगामी 4 जनवरी को आपत्ति एवं निस्तारण हेतु यह मामला निर्धारित किया गया है। फिलहाल इस मामले की सुनवाई होने पर अब ऊंट किस करवट बैठेगा और रुबीना से रूबी अवस्थी बनी, इस बालिका का भविष्य क्या निश्चित होगा, यह न्यायपीठ में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद निश्चित हो सकेगा।

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