रामपुर: शीत लहर चलने से बढ़ी ठिठुरन, लुढ़का पारा

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Edited By Amrit Vichar
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साल के दूसरे दिन सर्दी से बेहाल हुए लोग, एक्यूआई 300 के पार, बढ़ी गलन

रामपुर,अमृत विचार। साल के दूसरे दिन शीत लहर चलने से पारा लुढ़क गया जिसके कारण ठिठुरन बढ़ गई। धुंध के कारण एक्यूआई भी 300 के पार है, गलन बढ़ने के कारण लोगों ने अलाव जलाकर सर्दी से निजात पाई। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. डीके वर्मा बताते हैं कि सर्दी बढ़ने पर अस्थमा, उच्च रक्तचार और मधुमेह के रोगी सर्दी से अपना बचाव करें।

मौसम वैज्ञानिकों ने दो और तीन जनवरी को शीत लहर चलने का अनुमान जताया था। दो जनवरी को सुबह कोहरे की चादर बिछी रही इसके अलावा शीत लहर चलने से लोगों को कपकपी बंध गई। बाजारों में भी ग्राहकों की आवाजाही कम रही जिसके चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदारों ने जगह-जगह अलाव जलाकर सर्दी से बचने का जतन किया। शीत लहर और हवा में मौजूद नमी और धूल मिलकर धुंध (स्माग) की समस्या आने लगी है। मौसम का मिजाज बदलने से मरीजों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए एहतियात बरतने की जरूरत है। 

हाल-ए-मौसम
अधिकतम तापमान- 16 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम तापमान- 7 डिग्री सेल्सियस
आद्रता- 79 प्रतिशत
वायु वेग- 8 किमी. प्रतिघंटा

मौसम के बदलते मिजाज से रामपुर की आबोहवा भी जहरीली होती जा रही है। आद्रता बढ़ने से जल वाष्प में धूल के कण मिलने से आक्सीजन का घनत्व कम हो रहा है। जोकि, अस्थमा और ब्लॅड प्रेशर के रोगियों के लिए अधिक नुकसान दायक है। जहरीली हो चुकी हवा के महीन कण खून में प्रवेश होने से दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। - डा. विशेष कुमार, ह्रदय रोग विशेषज्ञ

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