बरेली: जलकुंभी में मरने के लिए फेंका था बच्ची को, अब दुबई में संवरेगा जीवन

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नवाबगंज में जलकुंभी में फंसी मिली बच्ची को दुबई की महिला ने लिया गोद

बरेली, अमृत विचार। सड़क किनारे और जलकुंभी में मरने के लिए फेंके गए बच्चों का जीवन अब मलेशिया और दुबई में संवरेगा। बच्चे को मलेशिया के दंपती और बच्ची को दुबई की महिला ने गोद लिया है। दोनों बच्चे बॉर्न बेबी फोल्ड में रह रहे थे।

आंवला में 6 जून 2023 में वजीरगंज बस स्टैंड के पास सड़क किनारे दो दिन के बच्चे को फेंक दिया गया था। वहां से गुजर रहे लोगों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनकर उसकी जान बचाई थी। वहीं 4 मार्च को नवाबगंज के खतुआ गांव में तालाब में दो दिन की बच्ची को फेंक दिया गया था। जलकुंभी में फंसने से बच्ची की जान बच गई थी और उसके रोने की आवाज सुनकर लोगों ने उसे बचाया था। दोनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सेहत में सुधार होने पर बाल कल्याण समिति ने बॉर्न बेबी फोल्ड में भेजा था। आंवला में मिले बच्चे को मलेशिया के दंपती और नवाबगंज में मिली बच्ची को दुबई की महिला ने प्रक्रिया पूरी कर गोद लिया है।

पिछले साल दो साल के एक बच्चे को सूखा रोग हो गया था। वह तीन वर्ष तक संस्था में रहा। अब पांच वर्ष की उम्र में मध्यप्रदेश के एक परिवार ने बच्चे को गोद लिया है। तीन महीने की एक बच्ची को भी जिला अस्पताल से बॉर्न बेबी फोल्ड लाया गया था। इसे माल्टा के दंपती ने गोद लिया है। वहीं 4 मार्च 2022 को सेटेलाइट तिराहा के आगे झाड़ियों में दो दिन की बच्ची मिली थी, जिसे नोएडा के परिवार ने गोद लिया। साल 2022 में संस्था में एक बच्चे को ढाई साल की उम्र में लाया गया था। पांच वर्ष का होने पर इस बच्चे को रुद्रपुर के दंपती ने गोद लिया। अभी संस्था में तीन बच्चे रह रहे हैं।

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