अमेठी : बूंदाबांदी ने बढ़ाई ठिठुरन, अधिकतम तापमान में आई 2.8 डिग्री की गिरावट
अमेठी, अमृत विचार। बुधवार सुबह से ही बूंदाबांदी ने हवा में ठिठुरन बढ़ा दी। इससे अधिकतम तापमान में 2.8 डिग्री की गिरावट आई। वहीं बादल छाए रहने से न्यूनतम तापमान 1.9 डिग्री बढ़ गया।
गेहूं की बुआई कर चुके किसानों के लिए इस समय बारिश फायदेमंद रही। क्योंकि किसान फसलों की सिंचाई की तैयारी में जुटे थे। वहीं बारिश के बाद प्रदूषण में भी सुधार आया। बुधवार की भोर में अचानक मौसम बदलाव से दिनभर बादल छाए रहे और धूप नहीं खिली। बुधवार को जिले में बूंदाबांदी दिन भर रुक-रुक कर होती रही। वहीं कस्बा जायस में तेज बारिश हुई और सड़कों पर भी पानी जमा हो गया। इसी तरह गौरीगंज में भी सावन सी झड़ी लगी रही। अन्य कस्बाई इलाकों में भी बूंदाबांदी हुई। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इस समय बारिश का फसलों में फायदा मिलेगा। क्योंकि अमेठी जिले में गेहूं के फसल की बुआई हो चुकी है। जिन फसलों की बारिश के बाद बुआई होनी है, वे किसान अब बुआई में जुट जाएंगे। हालांकि बूंदाबांदी से ही काफी राहत मिलेगी। क्योंकि अब रात के समय गेहूं के लिए पाला पड़ना जरूरी है। इससे अच्छी पैदावार होगी। मौसम में बदलाव के बाद अब सुबह धुंध भी छाने लगेगी। ग्रामीण इलाकों में खेतों के अंदर अभी से पाला जमना शुरू हो गया है। हालांकि जनवरी की शुरुवात हो गई है। इसी माह ठंड और अधिक बढ़ेगी। मौसम में अचानक बदलाव से लोगों की सेहत पर भी इसका विपरीत असर देखा जाएगा। ऐसे में चिकित्सक भी लोगों को गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने और अपनी मौसम के अनुकूल देखभाल की सलाह दे रहे हैं।
सर्दी के मौसम में हृदय रोग के मरीजों को रहना होगा सावधान : सीएमओ
मौसम में बदलाव अपने साथ विभिन्न प्रकार की बीमारियों को अपने साथ लेकर आता है। ठंड के मौसम में सांस और दिल के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इन दिनों अस्पतालों में हृदय और सांस के रोगियों की संख्या में इजाफा होना शुरू हो चुका है। चिकित्सक भी उन्हें सावधानी बरतने के लिए सलाह दे रहे हैं।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि अधिक सर्दी होने पर हृदय रोगियों की रक्त धमनियां सिकुड़ने लगती हैं। इस कारण रक्तचाप बढ़ने लगता है और हृदयघात का खतरा भी बढ़ जाता है। हालांकि थोड़ी सी सावधानी बरतने से इससे काफी हद तक बचा जा सकता है। नियमित रूप से सुबह की सैर करने वाले लोग बिस्तर छोड़ने के तुरंत बाद घर से नहीं निकलें। घर पर ही थोड़ा व्यायाम करें। घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े पहन लें।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि ठंड में हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनी में वसा का जमाव हो जाने के कारण रक्त का बहाव कम हो जाता है। इस कारण हृदय की मांस पेशियों में आक्सीजन की कमी हो जाती है, जो हृदयाघात होने का कारण बनता है। हृदयरोगी सूरज निकलने के बाद ही सैर करने जाएं तो बेहतर है। खराब मौसम में घूमने नहीं जाएं और अपनी दवाएं समय से खाएं। सीने के बीच में दर्द हो तो इसीजी जरूर कराएं। इसे सिर्फ गैस का दर्द नहीं मानें।
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