बरेली: बिना अनुमति के छह गांवों में हैंडपंप लगाने के मामले में बढ़ेगा जांच का दायरा
सिरौली पुलिस ने एडीओ पंचायत से मांगा शासनादेश, ठेकेदार पर दर्ज हो चुकी है रिपोर्ट
बरेली, अमृत विचार। रामनगर ब्लॉक क्षेत्र के छह गांवों में बिना बजट और अनुमति के लोगों के घरों में इंडिया मार्का हैंडपंप लगाने के मामले में ठेकेदार पर केस दर्ज करने वाली सिरौली पुलिस जांच का दायरा बढ़ाने जा रही है। पुलिस ने जांच में सहयोग के लिए एफआईआर लिखाने वाले एडीओ पंचायत से हैंडपंप पर रोक लगाने वाले शासनादेश को उपलब्ध कराने को कहा है।
दरअसल, भूगर्भ जलस्तर में लगातार गिरावट आने की वजह से डार्क जोन में शामिल रामनगर ब्लॉक क्षेत्र में नए बोरिंग पर रोक है, लेकिन इसके बाद भी मेरठ के ठेकेदार ने क्षेत्र के नामदारगंज, सिगरा खानपुर, ढिलवारी, बरसेर, बराथानपुर, हाजीपुर में करीब 64 इंडिया मार्का हैंडपंप बिना योजना, बजट और अनुमति के लोगों के घरों में लगवा दिए। पशुधन मंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद उन्होंने सीडीओ को जानकारी दी थी। बीडीओ से कराई गई जांच में मामला सही पाया गया।
अफसरों के आदेश पर रामनगर ब्लॉक के नामदारगंज सिरौली के एडीओ पंचायत करन सिंह ने मेरठ के महरौली इलाके के निवासी ठेकेदार शिवम चौधरी के खिलाफ थाना सिरौली धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा दिया है। ठेकेदार ने हैंडपंप लगाने के एवज में ग्रामीणों से 8600 रुपये के हिसाब से वसूली की है, जबकि एक बोरिंग कराने में 45 हजार का खर्च आता है। कम पैसे वसूल कर ज्यादा खर्च कर हैंडपंप लगाने की बात किसी से समझ में नहीं आ रही है। ठेकेदार ने भी अभी तक कोई संतोषजनक जवाब और साक्ष्य नहीं दिए हैं। वहीं, सिरौली पुलिस ने शुक्रवार को एडीओ पंचायत को फोन कर वह शासनादेश मांगा है, जिसमें आदेश है कि नए इंडिया मार्का हैंडपंप नहीं लगाए जा सकते हैं।एडीओ पंचायत करन सिंह के अनुसार पुलिस को जल्द शासनादेश उपलब्ध कराएंगे।
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