चिंताजनक हालात
पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों पर तृणमूल कांग्रेस के नेता शेख शाहजहां के समर्थकों ने शुक्रवार को हमला कर दिया। अधिकारी राशन वितरण घोटाले की जांच के संबंध में शाहजहां के उत्तर 24 परगना जिला स्थित आवास पर छापा मारने पहुंचे थे। हमले की यह घटना वास्तव में चिंताजनक और निंदनीय है। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि वह संवैधानिक विकल्पों के तहत उचित कार्रवाई करेंगे। बता दें कि ईडी की टीम जब टीएमसी नेता के घर छापेमारी करने पहुंची तभी वहां करीब 200 लोग आ गए और ईडी टीम पर हमला कर दिया।
भीड़ ने ईडी अफसरों के साथ आए केंद्रीय सुरक्षाबलों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। टीम में ईडी के असिस्टेंट डायरेक्टर भी शामिल थे। महत्वपूर्ण है कि ईडी अधिकारी राज्य में 15 स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं और शेख का आवास उनमें से एक हैं। बता दें कि टीएमसी के नेताओं पर ईडी की छापेमारी पहले भी होती रही है।
भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में जांच एजेंसी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से पूछताछ कर चुकी है। बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को भी शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में 2022 में गिरफ्तार किया जा चुका है।
ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत उल्लंघन की जांच के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगते रहे हैं कि ईडी को डराने-धमकाने के राजनीतिक उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। टीएमसी नेताओं का कहना है केंद्रीय बलों से घिरे केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को भड़काया। इसकी जवाबी प्रतिक्रियाएं हमले के रुप में हुई।
गौरतलब है कि केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों के साथ पश्चिम बंगाल में पहली बार इस तरह का वाकया नहीं हो हुआ है। वर्ष 2019 में राज्य पुलिस और सीबीआई के अधिकारियों के बीच इसी तरह का टकराव देखने को मिला था। मामले में की जा रही हस्तक्षेप की मांग पर केंद्र सरकार को निर्णय करना है। पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख सुकांत मजूमदार ने कहा कि पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में ईडी पर हमला यह दिखाता है कि रोहिंग्या राज्य में कानून-व्यवस्था के साथ क्या कर रहे हैं।
उधर कांग्रेस ने भी पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ईकाई के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ईडी अधिकारियों पर हुए हमले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य में कोई कानून-व्यवस्था नहीं है। लोकतंत्र में बर्रबरता और गुंडागर्दी को रोकना एक सभ्य सरकार का कर्तव्य है।
