Pakistan: सीनेट ने आठ फरवरी के आम चुनाव में देरी की मांग करने वाला प्रस्ताव किया पारित
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में आठ फरवरी को होने वाले चुनाव में देरी की मांग वाले पारित प्रस्ताव को ‘‘असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक’’ करार देते हुए संसद में शनिवार को एक नया प्रस्ताव पेश किया गया। इस नये प्रस्ताव में चुनाव में ‘‘संवैधानिक आवश्यकताओं’’ का पालन करने और समय पर चुनाव सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब करीब 24 घंटे पहले सीनेट ने शुक्रवार को ठंड के मौसम और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए आम चुनाव में देरी की मांग वाले एक गैर-बाध्यकारी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिससे 8 फरवरी को निर्धारित चुनावों से पहले राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ गई।
‘डॉन डॉट कॉम’ के मुताबिक, जमात-ए-इस्लामी (जेआई) के सांसद मुश्ताक अहमद खान ने सीनेट सचिवालय में एक नया प्रस्ताव पेश किया, जिसमें आग्रह किया गया कि आम चुनाव समय पर कराये जाने चाहिए। खबर के अनुसार, हालांकि, सीनेट के आगामी सत्र के एजेंडे में प्रस्ताव को शामिल करना अनिश्चित बना हुआ है, क्योंकि सत्र की तारीख की पुष्टि नहीं की गई है। खबर के मुताबिक, प्रस्ताव के मसौदे में कहा गया, ‘‘मैं सदन में यह प्रस्ताव पेश करता हूं, जिसमें कहा गया है कि चुनाव कराना एक संवैधानिक आवश्यकता है। समय पर चुनाव कराना सुनिश्चित करना पाकिस्तान निर्वाचन आयोग और कार्यवाहक सरकार की मौलिक जिम्मेदारी है।’’
प्रस्ताव में कहा गया कि चुनाव के संबंध में पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय का फैसला सामने है, जबकि पाकिस्तान निर्वाचन आयोग (ईसीपी) ने भी घोषणा की है कि चुनाव आठ फरवरी को होंगे। ‘डॉन’ की खबर के मुताबिक, सीनेट द्वारा चुनाव में देरी की मांग को लेकर शुक्रवार को पारित प्रस्ताव को "असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक" करार दिया गया और जमात-ए-इस्लामी सीनेटर के प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया गया कि "सीनेट के पास संवैधानिक आदेशों के विपरीत कार्य करने का अधिकार नहीं है।’’
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