शाहजहांपुर: गांव की माटी में ही विलीन हो गए विधायक मानवेंद्र, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

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शाहजहांपुर, अमृत विचार: विधानसभा ददरौल से लगातार दूसरी बार विधायक रहे मानवेंद्र सिंह का शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव ढकिया परवेजपुर अंतिम संस्कार कर दिया गया। मुखाग्नि विधायक के ज्येष्ठ पुत्र अरविंद सिंह ने दी। उनके साथ अन्य दोनों पुत्र विमल सिंह और अनुज सिंह भी शोक में डूबे खड़े रहे। अंतिम यात्रा में किसी ने बिलखते हुए तो किसी ने नम आंखों से अपने नेता को विदा किया। पुलिस की गारद ने सशस्त्र सलामी दी और शस्त्र उल्टे कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए शोक व्यक्त किया।

तिलहर थाना क्षेत्र का गांव ढकिया परवेजपुर शनिवार को कुछ खास बन गया, ऐसा खास कि जिसे कोई नहीं चाहता कि इस तरह बने। गांव मानवेंद्र सिंह का वैसे तो राजनीति का सफर छात्र संघ अध्यक्ष बनने से ही शुरू हो गया था, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष और उसके बाद भाजपा में आने के बाद वह विधायक बन विधानसभा में उपस्थिति दर्ज कराने लगे।

लगातार दो बार वह ददरौल के विधायक बने। इसी दौरान वह लिवर की परेशानी से जूझने लगे। तमाम इलाज कराया। उनके साथी विधायक, मंत्री, पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता से लेकर सामान्य कार्यकर्ता तक उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। दोपहर बाद एक खेत में उनकी चिता सजाई गई।

बड़े पुत्र अरविंद सिंह ने कांपते हाथों से पिता को मुखाग्नि दी, तो तमाम लोगों की आंखें एक बार फिर डबडबा आईं। कैबिनेट मंत्रियों सुरेश खन्ना, जितिन प्रसाद, जेपीएस राठौर, अरुण सक्सेना, प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप, अरुण सक्सेना, सांसद अरुण सागर समेत अन्य करीबियों ने तीनों पुत्रों और विधायक के सबसे नजदीक रहने वाले हरजीत सिंह को ढांढस बंधाया।

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