संतकबीरनगर : भीषण ठंड में भी बुझे पड़े हैं सरकारी अलाव, कागज और गत्ते जलाने को मजबूर हैं लोग
गीली लकड़ियों की सप्लाई करने में जुटे नगरपालिका के जिम्मेदार
संतकबीरनगर, अमृत विचार। भीषण ठंड और शीतलहर का प्रकोप जैसे जैसे बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे सरकारी अलावों को भी ठंड का असर दिखने लगा है। आलम यह है कि जरुरतमंदों तक लकड़ियां नहीं पहुंच पा रही हैं जिसके चलते सार्वजनिक स्थलों और चौराहों पर भी लोग कागज और गत्ते जलाकर ठंड से बचने का असफल प्रयास कर रहे हैं। बताते चलें कि नागरिकों को ठंड से बचाने के लिए नगर निकायों और तहसील प्रशासन द्वारा करोड़ों रुपए का टेंडर लकड़ी सप्लाई के लिए किया जाता है। निकायों द्वारा नगरीय क्षेत्रों के चौक चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की ब्यवस्था की जाती है तो वहीं तहसील प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के कस्बों चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाए जाते हैं। रविवार की सुबह भीषण कोहरे और ठंड के बीच जनपद मुख्यालय के अधिकांश चौराहों के अलाव लकड़ियों के अभाव में बुझे दिखाई दिये। डा. मल्ल चौराहे पर कुछ लोग कागज और गत्ते जलाकर ठंड से निजात पाने का असफल प्रयास करते दिखे। बिधियानी रोड के किनारे एक स्थान पर कुछ लोग सूखी घास और पेड़ों की पत्तियों को जलाकर अलाव सेंकते दिखे। कुछ ई-रिक्शा चालकों और स्टेट बैंक चौराहे के निवासियों ने बताया कि पिछले दो दिनों से नगरपालिक द्वारा गीली लकड़ियों की सप्लाई कराई जा रही है। जिसके चलते शहर के अधिकांश अलाव बुझ चुके हैं।

शहर में नहीं बुझने दूंगा अलाव - चेयरमैन
इस बारे में बात करने पर नगरपालिका खलीलाबाद के चेयरमैन जगत जायसवाल ने बताया कि ठेकेदार को सूखी लकड़ियां सप्लाई करने का निर्देश दिया गया है। हर चौराहे और सार्वजनिक स्थलों पर रोज नियमित रुप से लकड़ियां भेजी जा रही हैं। ठेकेदार अगर गीली लकड़ी गिरा रहे हैं तो मामले की जांच कराई जाएगी। मैं स्वयं भ्रमण करके अलाव का जायजा लूंगा। जबतक ठंड का सीजन है शहर में एक भी अलाव बुझने नहीं दूंगा।
क्या कहते हैं उप जिलाधिकारी
इस बारे में बात करने पर उप जिलाधिकारी व प्रभारी ईओ खलीलाबाद शैलेश दूबे ने बताया कि शहर के तीन दर्जन से ज्यादा स्थानों पर अलाव की ब्यवस्था कराई गई है। ठेकेदार द्वारा अगर लकड़ी सप्लाई में शिथिलता बरती तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था कराई गई है। अगर लकड़ियों के अभाव में अलाव बुझे मिले तो जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।
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