बरेली: ठंड का असर... जिला अस्पताल की ओपीडी में उमड़े मरीज, बुखार-त्वचा रोगियों की संख्या ज्यादा
बरेली, अमृत विचार: कड़ाके की सर्दी का असर जिला अस्पताल और तीन सौ बेड अस्पताल की ओपीडी में नजर आ रहा है। सोमवार को दोनों जगह मरीजों की भीड़ उमड़ी। ज्यादातर लोग बुखार और त्वचा रोगों की वजह से डॉक्टर को दिखाने आए थे। ओपीडी में लंबी कतार लगने की वजह से मरीजों को डॉक्टर तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
भीषण ठंड में लोग भले ही घरों से निकलने तक में हिचकिचा रहे हों लेकिन सर्दी की बीमारियां घर में घुसकर उन्हें चपेट में ले रही हैं। जिला अस्पताल में सोमवार को पहुंचे 1185 मरीजों में से ज्यादातर बुखार से पीड़ित थे। इसके अलावा त्वचा रोगियों की भी काफी संख्या थी।
यही हाल तीन सौ बेड अस्पताल में पहुंचे 418 मरीजों का था। दाद-खाज खुजली और एलर्जी की समस्या लेकर आए मरीजों को डॉक्टरों ने सफाई रखने की सलाह दी। उधर, सर्दी बच्चों को भी लगातार चपेट में ले रही है। अस्पताल में निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। तीन निमोनिया ग्रसित बच्चे वार्ड में भर्ती भी हैं।
नंबर के इंतजार में दिव्यांगों ने पांच घंटे तक झेली सर्दी
सीएमओ कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक शिविर में प्रमाणपत्र के लिए दिव्यांगों को इस बार भी भारी परेशानी उठानी पड़ी। तमाम दिव्यांग कड़ाके की सर्दी में सुबह नौ बजे से लाइन में लगकर नंबर आने का इंतजार करते रहे लेकिन दोपहर दो बजे तक उनके प्रमाण पत्र नहीं बन पाए थे। कई दिव्यांगों ने बताया कि वे कई बार सीएमओ कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं लेकिन उनका नंबर ही नहीं आ रहा है।
महिला अस्पताल : सीएमएस के निर्देश के बाद भी स्थाई डॉक्टर ओपीडी से नदारद
जिला महिला अस्पताल में स्थाई डॉक्टर ड्यूटी करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने निजी मेडिकल कॉलेज से प्रशिक्षण के लिए आए रेजिडेंट डॉक्टरों के भरोसे ओपीडी और आईपीडी की जिम्मेदारी छोड़ दी हैं और खुद गायब हैं। सोमवार को भी ओपीडी में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों के कक्षों में प्रशिक्षु डॉक्टर मरीजों को देखते नजर आए।
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