बरेली: शहनाई बारातघर हत्याकांड के आरोपी हरिओम और संजीव को नहीं मिली जमानत
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आठ वर्ष पहले बरेली में हुए चर्चित शहनाई बारातघर हत्याकांड में आरोपी अंशु आर्या और रंजीत को अपील में सशर्त जमानत दे दी है जबकि हत्याकांड में शामिल अन्य दो आरोपियों नगर निगम के क्लर्क हरिओम और सह अभियुक्त संजीव को जमानत नहीं मिली।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हरिओम और संजीव ने मृतक की हत्या में सक्रिय योगदान दिया जबकि अन्य आरोपियों ने केवल मृतक को पकड़ने में भूमिका निभाई थी। हमले के दौरान अन्य अभियुक्तों ने मृतक को अपने वश में कर लिया और हमलावर संजीव को उसके शरीर पर घातक वार करने में मदद की।
उक्त आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी और न्यायमूर्ति मोहम्मद अजहर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने आरोपियों द्वारा दाखिल क्रिमिनल अपील पर सुनवाई करते हुए पारित किया है। कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि मौजूदा मामले की पेपर बुक तैयार करें। मुकदमे को अंतिम सुनवाई के लिए मई 2024 में सूचीबद्ध किया गया है।
मालूम हो कि पुलिस थाना कोतवाली बरेली में आईपीसी की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट की धारा 3/24 के तहत दर्ज प्राथमिकी के अनुसार वर्ष 2016 में बरेली के शहनाई बारातघर में सफाईकर्मी राजीव उर्फ राजू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के भाई राज किरण ने नगर निगम के क्लर्क हरिओम सहित कई लोगों को नामजद किया था। शिकायतकर्ता का कहना था कि आरोपी नगर निगम में बतौर सफाईकर्मी उसके भाई की नियुक्ति का विरोध करते थे।
इस कारण आरोपियों ने वर्ष 2014 में नगर निगम के पास मृतक के साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी। कानूनी कार्यवाही के दौरान अभियुक्त कपिल की मौत हो गई। क्लर्क हरिओम को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
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