पीलीभीत: PTR के इको सेंसिटिव जोन को जल्द मिल सकती है हरी झंडी

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Edited By Amrit Vichar
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वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 10 बिंदुओं की चेक लिस्ट भेज मांगी जानकारी, एक से दो किमी का क्षेत्र घोषित होगा इको सेंसिटिव जोन

पीलीभीत, अमृत विचार। पीलीभीत टाइगर रिजर्व द्वारा इको सेंसिटिव जोन के भेजे गए प्रस्ताव को जल्द हरी झंडी मिल सकती है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने टाइगर रिजर्व प्रशासन से 10 बिंदुओं की चेक लिस्ट भेजकर जानकारी मांगी है।

यदि पर्यावरण मंत्रालय द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो टाइगर रिजर्व की जंगल सीमा से एक से लेकर दो किमी का क्षेत्र इको सेंसिटिव जोन के दायरे में आ जाएगा। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत इको सेंसिटिव जोन अधिसूचित करता है।

इसका उद्देश्य राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों के आस-पास कुछ गतिविधियों को प्रतिबंधित और नियंत्रित करना है, ताकि संरक्षित क्षेत्रों के निकटवर्ती संवेदनशील पारिस्थितिक तंत्र पर ऐसी गतिविधियों के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके।

इसको लेकर 73 हजार हेक्टेयर में फैले टाइगर रिजर्व के इको सेंसिटिव जोन घोषित करने को लेकर पूर्व में भी प्रस्ताव भेजे गए थे, लेकिन इस संबंध में कभी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया और भेजे गए प्रस्ताव अलमारी में कैद होकर रह गए थे।

इधर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद गत वर्ष प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव की अगुवाई में हुई उच्चस्तरीय समिति में बैठक में  पीलीभीत टाइगर रिजर्व एवं अलीगढ़ की शेखा झील के सेंसिटिव जोन को लेकर आम सहमति बनाई गई थी।

जिसके बाद पीटीआर के इको सेंसिटिव जोन के प्रस्ताव को लेकर तेजी से काम हुआ। गत वर्ष 23 मई को जिला पर्यावरण समिति के अध्यक्ष/ डीएम की अगुवाई में इको सेंसिटिव जोन को लेकर बैठक हुई। तय किया गया कि जंगल सीमा से सटा एक से लेकर दो किमी तक का एरिया इको सेंसिटिव जोन के दायरे में आएगा।

बैठक के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा ईको सेंसिटिव जोन के दायरे में आने वाले मकानों, रास्ता, वहां निवास करने वाली आबादी और परिस्थितियों का सर्वे किया गया। टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा आपत्तियों के निस्तारण आदि के बाद 18 अगस्त को प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया। प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्ताव का अवलोकन करने के बाद इसे केंद्र सरकार को भेज दिया गया था। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा नोटिफिकेशन जारी करने का इंतजार किया जा रहा है।

सभी बिंदुओं पर  तैयार की जा रही रिपोर्ट 
पीटीआर के इको सेंसिटिव जोन को लेकर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 10 बिंदुओं की चेक लिस्ट भेजकर जानकारी मांगी है। इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक अंजनी कुमार आचार्य ने फील्ड डायरेक्टर को पत्र भेजकर सभी बिंदुओं पर जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।

टाइगर रिजर्व प्रशासन के मुताबिक चेक लिस्ट में शामिल सभी बिंदुओं की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। पीटीआर के अफसरों के मुताबिक इको सेंसिटिव जोन को लेकर जल्द नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।

284 गांव आएंगे दायरे में
पीटीआर की जंगल सीमा सटे 284 गांव इको सेंसिटिव जोन के दायरे में आएंगे। यदि भेजे गए प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो टाइगर रिजर्व की जंगल सीमा से एक से लेकर दो किमी का क्षेत्र इको सेंसिटिव जोन के दायरे में आ जाएगा। टाइगर रिजर्व प्रशासन के मुताबिक पीटीआर का 80 फीसदी बाहरी क्षेत्र एक किमी के दायरे में ही आ जाएगा, जबकि बकाया 20 फीसदी में दो किमी का इलाका इको सेंसिटिव जोन के दायरे में रहेगा।

इको सेंसिटिव जोन को लेकर गत वर्ष प्रस्ताव भेजा गया था। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा कुछ बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही इको सेंसिटिव जोन को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर

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