गुरू जी पर दबाव नहीं बना सकेंगे बीईओ, समय से नि:शुल्क किताबों के वितरण के लिए डीजी का एक्शन प्लान तैयार, छपाई शुरू
रविशंकर गुप्ता/ अमृत विचार लखनऊ: यूपी में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यायलों में पढ़ने वाले करीब दो करोड़ बच्चों को निशुल्क किताबे समय से मिल जायेंगी। इसके लिए स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा की ओर से अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस संबंध में शिक्षा महानिदेशक की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों और ब्लाकों के खंड शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करते हुए पत्र जारी कर दिया है। महानिदेशक ने अपनी ओर से जारी पत्र में कहा है कि इस बार बच्चो को स्कूल खुलते ही किताबे मिलनी शुरू हो जायेंगी।
शिक्षा महानिदेशक ने अपने आदेश में कहा
शिक्षा सत्र 2024-25 में सत्र आरम्भ के पूर्व ही विद्यालयों तक पाठ्यपुस्तक व कार्यपुस्तिकाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने का लक्ष्य है, जिससे सत्र के आरम्भ होते ही सभी छात्र-छात्राओं को नवीन पाठ्य पुस्तकें प्राप्त हो जाएं। शैक्षिक सत्र 2024-25 में निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकों कार्यपुस्तिकाओं के मद्रण व प्रकाशन सम्बन्धी कार्यादेश आदि की प्रक्रिया गतिमान है, शीघ्र हीं पाठ्य पुस्तकों, कार्यपुस्तिकाओं की आपूर्ति मुद्रकों प्रकाशकों द्वारा जनपदों में प्रारम्भ कर दी जायेगी, जिनका वितरण निर्धारित समयान्तर्गत कराया जाना होगा।
शिक्षक नहीं करेंगे किताबों की ढुलाई, बीईओ को मिलता है बजट
गत वर्षों में देखा गया है कि जनपदों में पाठ्य पुस्तकों, कार्य पुस्तिकाओं की आपूर्ति हो जाने के उपरान्त उनकी ढुलाई की व्यवस्था की जाती है, जिसमें अत्यधिक समय लगता है। जिस कारण लम्बे समय तक पाठ्यपुस्तकें या तो जनपद स्तर व ब्लॉक स्तर पर रहती है। अथवा विलम्ब से विद्यालयों तक पहुँचती है। यह भी शिकायतें प्राप्त होती हैं कि पर्याप्त दुलाई व्यवस्था न होने के कारण शिक्षकों को अपने स्तर से ढुलाई करनी अथवा करवानी पड़ती है। जबकि जनपदों को पाठ्य पुस्तकों की दुलाई हेतु पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करायी जाती है।
बीईओ को दिया गया निर्देश
महानिदेशक ने सभी बीईओ को आदेश जारी करते हुए कहा है कि शैक्षिक सत्र 2024-25 में आपूर्तित होने वाली पाठ्यपुस्तकों, कार्यपुस्तिकाओं की जनपद, ब्लॉक स्तर से विद्यालयों तक समयान्तर्गत दुलाई कराने हेतु आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर ली जाए, जिससे पुस्तकों की जनपदों में आपूर्ति आरम्भ होते ही उनका वितरण विद्यालयों तक अविलम्ब हो सके। पाठ्यपुस्तकों, कार्यपुस्तिकाओं की दुलाई पर व्यय हेतु आवश्यक धनराशि शीघ्र ही उपलब्ध करा दी जाएगी।
किसी भी टीचर को किताबे ले जाना पड़ा तो होगी कार्रवाई
यह भी ध्यान रखा जाए कि किसी अध्यापक को अपने विद्यालय की पाठ्यपुस्तकें, कार्यपुस्तिकायें बीआरसी अथवा भंडारण स्थल से विद्यालय तक स्वयं न ले जाना पडे। इस प्रकार की शिकायतें प्राप्त होने पर उसे अत्यन्त गम्भीरता से लिया जाएगा और सम्बन्धित का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए दण्डात्मक कार्यवाही हेतु बाध्य होना पड़ेगा।
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