बरेली: कर्मचारियों और पार्षदों के विरोध के आगे झुके नगर निगम के अफसर

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बरेली, अमृत विचार। सफाई कर्मचारियों और क्षेत्रीय पार्षदों के विरोध के बाद नगर निगम ने शहर के 10 वार्डों की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में दिए जाने की व्यवस्था में परिवर्तन कर दिया है। अब जिन वार्डों के पार्षद लिखित रूप से कहेंगे कि प्राइवेट कंपनियों से सफाई कराई जाए, उन ही वार्डों में यह …

बरेली, अमृत विचार। सफाई कर्मचारियों और क्षेत्रीय पार्षदों के विरोध के बाद नगर निगम ने शहर के 10 वार्डों की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में दिए जाने की व्यवस्था में परिवर्तन कर दिया है। अब जिन वार्डों के पार्षद लिखित रूप से कहेंगे कि प्राइवेट कंपनियों से सफाई कराई जाए, उन ही वार्डों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। 1 अक्टूबर से नगर निगम अपने कर्मचारियों से सफाई व्यवस्था का काम छीन कर 10 वार्डों को निजी कंपनी के हाथों में देने वाला था। इसमें वार्ड 26 आईवीआरआई, 32 गांधी उद्यान, 37 रामपुर गार्डन, 46 गांधीपुरम, 5 नेकपुर, 11 कटरा चांद खां, 13 शांति विहार , 21 सुभाषनगर,24 मोला नगर, 25 मढ़ीनाथ शामिल थे।

इसको लेकर विरोध शुरू हो गया था। गांधी उद्यान वार्ड के पार्षद पुष्पेंद्र माहेश्वरी ने मेयर और नगर आयुक्त को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की थी। रामपुर बाग के पार्षद राजेश अग्रवाल ने भी इस व्यवस्था का विरोध किया था। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कर्मचारियों की मांग पर सीएम को पत्र लिखकर इस व्यवस्था को समाप्त करने को कहा था। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और कैंट विधायक राजेश अग्रवाल को जब कर्मचारियों ने ज्ञापन दिया तो उन्होंने नगर विकास मंत्री से वार्ता कर समस्या का निदान करने का भरोसा दिया था।

शहर विधायक डा. अरुण कुमार ने भी कर्मचारियों की समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया था। निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का गुस्सा देखकर मंगलवार को नगर निगम के अफसरों ने निजीकरण के फैसले में परिवर्तन करने में भलाई समझी। दोपहर में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अशोक कुमार ने उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ के महानगर अध्यक्ष राजेश कुमार, जिला उपाध्यक्ष सुरेश शिंदे, जिला महासचिव राजेंद्र कुमार, विजय कुमार, किशन लाल को बुला कर निजीकरण की व्यवस्था में बदलाव की बात बताई।

अब पार्षदों की चलेगी मर्जी
शहर के वार्डों की सफाई व्यवस्था निजी हाथों में सौंपने की व्यवस्था में नगर निगम ने अब परिवर्तन किया है। नई व्यवस्था के तहत जो पार्षद नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को लिखित रूप से देगा कि उसके वार्ड की सफाई व्यवस्था निजी हाथों को दी जाएगी। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम सफाई कार्य का ठेका निजी हाथों में देने के लिए तीन फर्मों को ठेका देने की प्रक्रिया पूरी कर चुका है। अब इन फर्मों को इंतजार है कि क्षेत्रीय पार्षद प्राइवेट फर्म से अपने वार्ड की सफाई कराने की मांग करें। इसके बाद ही कार्य करने का मौका मिल पाना संभव होगा।

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