Hamirpur News: लापता बच्ची का मिला कंकाल… कुत्ते नोचते नजर आए अंग, 23 दिन खाक छानती रही पुलिस

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Edited By Amrit Vichar
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हमीरपुर के मौदहा में लापता बच्ची का 23वें दिन कंकाल मिला।

हमीरपुर के मौदहा में लापता बच्ची का 23वें दिन कंकाल मिला। शुक्रवार को कुत्ते बच्ची के सिर सहित अन्य अंगों को नोचते नजर आए। जिस पर भारी संख्या में पुलिस बल सहित फारेंसिक टीम ने मौके पर जाकर जांच को पहुंची।

हमीरपुर, मौदहा, अमृत विचार। पिछले 20 दिसंबर को घर के बाहर खेल रही मासूम बच्ची रहस्यमय तरीक़े से लापता हो गई थी, जिसकी तलाश जनपद के कई थानों की पुलिस, फारेंसिक टीम, डाग स्क्वायड सहित अन्य खुफिया टीमें करती रहीं। लेकिन सुराग लगाने में नाकामयाब रहीं। शुक्रवार को कुत्ते बच्ची के सिर सहित अन्य अंगों को नोचते नजर आए।

जिस पर भारी संख्या में पुलिस बल सहित फारेंसिक टीम ने मौके पर जाकर जांच को पहुंची। मिले अंगों को जांच के लिए भेज दिया है। घटना के 23 दिन बाद भी मासूम बच्ची के सिर सहित हाथ आदि अंग इतने पहले हत्या किए प्रतीत नहीं हो रहे हैं।

बीस दिसंबर को कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पढो़री निवासी रवि कुमार गुप्ता की डेढ़़ वर्षीय पुत्री श्रृष्टि घर के बाहर खेलते समय रहस्यमय तरीक़े से लापता हो गई थी। पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इसमें कई थानों की पुलिस, फारेंसिक टीम, डाग स्क्वायड सहित अन्य खुफिया विभाग को बच्ची को खोज में लगाया गया था। इसमें जल्द खुलासे को लेकर कई दिन मशक्कत की थी। 

शुक्रवार को उस समय एक बार फिर नया मोड़ आ गया जब दोपहर रवि गुप्ता के घर की ओर तिराहे की तरफ से बच्ची का सिर लेकर आ रहे कुत्ते को पड़ोस की अर्चना ने देखकर बच्ची के घर में जाकर सूचना दी, जिसके बाद सभी लोग कुत्ते के पीछे लग गए तो कुत्ते ने कुछ दूरी पर खंडहर पर सिर छोड़ दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने  पुलिस को सूचना दी।

कोतवाली पुलिस, क्षेत्राधिकारी सहित अन्य आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर डाग स्क्वायड की मदद ली, लेकिन पुलिस के सारे हथकंडे उस समय फेल हो गए जब डाग मृतक बच्ची के घर के आसपास ही मंडराने लगा। इसके बाद पुलिस ने गांव के कुत्तों का पीछा किया जिसके बाद पुलिस कुत्तों के पीछे पीछे नाले तक पहुंची और वहां से बच्ची के कपड़े़ और हड्डियां बरामद कर लीं। जिसके बाद बच्ची की पुष्टि भी हो गई।हालांकि पुलिस ने मिले सारे अवशेषों को जांच के लिए भेज दिया है।

यहां सबसे बड़ी बात यह है कि जब पुलिस ने घर घर तलाशी अभियान चलाने के साथ खेतों व जंगल में ड्रोन कैमरे और डाग स्क्वायड की मदद से तलाश की। लेकिन घर के निकट इतनी बड़ी घटना होना पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान लगा रही है। जबकि ग्रामीण दबी जुबान में कह रहे हैं कि यदि पुलिस ने सही तरीके से जांच की होती तो शायद बच्ची की जान बच जाती।

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