पीलीभीत: नगरपालिका तलाशेगी दुकानों के वारिस, होगा सत्यापन

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Edited By Amrit Vichar
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आंवटन वाले लोगों की मौत के बाद वारिसों ने किए थे आवेदन

पीलीभीत, अमृत विचार: आवंटित किए गए लोगों के निधन के बाद उनके परिवारजनों को दुकान आवंटित करने की प्रक्रिया से पहले सत्यापन कराया जाएगा। चेयरमैन ने नामांतरण वाले आवेदनों की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए टीम गठित की गई है। ये टीम आवेदन पालिका के अभिलेखों से मिलान कराते हुए मौके पर जाकर सत्यापन करेगी।  

शहर के 10 किलोमीटर के दायरे में बसे इस शहर में नगरपालिका की करीब 412 दुकानें हैं। इनमें नगरपालिका की 161 और 251 ड्रमंडगंज ट्रस्ट की हैं। दशकों पहले नगरपालिका की ओर से नीलामी करते हुए दुकानों को किराये पर दिया गया था। मगर आज भी कई ऐसी दुकानें हैं। जिनका किराया वर्तमान स्थिति को देखते हुए नामात्र है।

कई दुकानें ऐसी है, जिनके मूल स्वामी की मृत्यु हो चुकी है। उन दुकानों पर सिक्मी किरायेदार बैठा रखे हैं। कईयों ने साठगांठ कर पूर्व में दुकान को किसी और को दे दिया। बीते कुछ दिनों में 33 लोगों ने नामांतरण के लिए आवेदन किया है। उनका दावा है कि उनके पिता या अन्य रिश्तेदार इन दुकानों पर लंबे समय से काबिज थे।

काबिज लोगों के निधन के बाद वह इन दुकानों को अपने नाम पर दर्ज कराने की अपील कर रहे हैं। आवेदन आने के बाद नगर पालिका चेयरमैन डॉ. आस्था अग्रवाल ने आवेदन को स्वीकृत करने से पहले सत्यापन कराने का मन बनाया है। ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो।

सत्यापन के लिए बनाई कमेटी में दो कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सत्यापन के दौरान अगर दुकान में अन्य कोई बैठा या कारोबार करता मिला तो दुकान का पट्टा निरस्त कर दिया  जाएगा। सिर्फ परिवार के सदस्य के नाम पर ही दुकान अलॉट हो सकेगी। दुकान का किरायनामा और एग्रीमेंट भी देखा जाएगा। चेयरमैन ने बताया कि नामांतरण के लिए आवेदन मिले हैं। जिनका सत्यापन करने को कमेटी गठित की गई है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही आवेदन को स्वीकृति दी जाएगी।

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