Kanpur News: पीएम नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आईआईएस के हॉस्टल के किचन में मिली गंदगी; अपर सचिव ने लगाई जमकर फटकार...
कानपुर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल में हॉस्टल के किचन में गंदगी मिली है।
पीएम नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आईआईएस (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल) को जल्द खोलने की तैयारी है। इसको लेकर अधिकारियों का दौरा भी शुरू हो गया है।
कानपुर, (अभिषेक वर्मा)। पीएम नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आईआईएस (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल) को जल्द खोलने की तैयारी है। इसको लेकर अधिकारियों का दौरा भी शुरू हो गया है। बुधवार को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की अपर सचिव व महानिदेशक (प्रशिक्षण) त्रिशालजीत सेठी और मंत्रालय के वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार नीलांबुज शरण ने एनएसटीआई कैंपस का निरीक्षण किया, उन्होंने यहां बने नए भवन आईआईएस को भी देखा।
इस दौरान वह अचानक हॉस्टल में बने मेस में पहुंची, यहां किचन में गंदगी देखकर वह भड़क गईं और अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि देखकर लग रहा है कि मेरे आने की खबर से पहले ही यहां सफाई हुई है। अपर सचिव व महानिदेशक (प्रशिक्षण) त्रिशालजीत सेठी दोपहर करीब तीन बजे एनएसटीआई पहुंची। यहां मुख्य गेट पर गंदगी और टूटी सड़कों को देखकर भी वह खफा दिखीं।
हालांकि, अधिकारियों ने उन्हें बताया कि इसको लेकर उन्होंने नगर निगम व संबंधित अधिकारियों से पत्राचार किया है। इस समस्या को जल्द ठीक करा लिया जाएगा। इसके बाद वह कैंपस के अंदर खाली पड़े स्थल पर भी अधिकारियों के साथ पहुंच गईं। उन्होंने यहां झाड़ियों के ढ़ेर लगा देखकर कहा कि गंदगी को साफ कराया जाए। यहां बच्चे पढ़ते हैं।
इसको लेकर लापरवाही नहीं बरती जाए। जमीनी हकीकत जानने के बाद त्रिशालजीत सेठी अधिकारियों के साथ कैंपस में बने आरडीएसडीई कार्यालय पहुंची, यहां संस्थान के छात्रों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान डिप्टी डॉयरेक्टर जनरल अनिल कुमार, आरडीएसडीई के क्षेत्रीय निदेशक जेडी मासीलामणि समेत अन्य अधिकारी रहे।
आईआईएस पर दिखाया गया प्रजेंटेशन
अपर सचिव व महानिदेशक (प्रशिक्षण) त्रिशालजीत सेठी ने अधिकारियों के साथ कांफ्रेंस हॉल में बैठक की। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें आईआईएस में चलने वाले कोर्सों व उसके संचालन से संबंधित बना प्रजेंटेशन दिखाया। यहा उन्होंने अधिकारियों से कहा कि चूंकि यह प्रोजेक्ट पीएम का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है इसलिए अधिकारी अपना 100 फीसदी दें।
अपर सचिव व महानिदेशक (प्रशिक्षण) व मिनिस्ट्री से जुड़े अधिकारी अभी दो दिन और शहर में रहेंगे। गुरुवार को अधिकारियों की आईआईटी और शुक्रवार को एचएएल और आईआईटी पांडु नगर में भी बैठक करेंगे।
संपर्क मार्ग को सही करने के लिए लिखा पत्र
आरडीएसडीई के क्षेत्रीय निदेशक जेडी मासीलामणि ने नगर निगम को पत्र लिखकर कहा है कि वीआईपी के निरीक्षण से पहले लगे संस्थान जाने वाले दादा नगर फ्लाई ओवर से लगे खराब संपर्क मार्ग को तुरंत सही किया जाये। उन्होंने बताया है कि आईआईएस बिल्डिंग में स्थापित करने के लिये मशीनरी और उपकरण को भारी वाहनों के माध्यम से संस्थान में प्रवेश कराना है। लेकिन, संस्थान तक जाने वाला संपर्क मार्ग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है। जिसे बनाया जाना जरूरी है। ताकि, मशीनरी के परिवहन में कोई दिक्कत न आ सके।
पीएम ने दिसम्बर 2016 को रखी आधारशिला
कानपुर में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल की आधारशिला पीएम नरेंद्र मोदी ने 19 दिसम्बर 2016 को रखी थी। जनवरी 2017 को इसका कार्य एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड को दिया गया। एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड ने मई 2018 में कानपुर में काम शुरू किया था। दो वर्ष में बिल्डिंग का कार्य पूरा करना था।
लेकिन, 2023 में यह भवन बनकर तैयार हो पाया है। 16 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्र में फैली यह इमारत अब लगभग तैयार है। इस परिसर में चार प्रमुख श्रेणियों मशीनिंग और विनिर्माण, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और विशेष प्रयोजन प्रौद्योगिकी के तहत कौशल विकास से संबंधित कम से कम 12 अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं होंगी।
बहुद्देशीय हॉल और एयर थियेटर
यहां भूतल और दो तल बन चुके हैं। जिनमें लेबोरेटरी, क्लास रूम, बहुद्देशीय हॉल, स्टाफ रूम, एयर थियेटर, एलीवेटर, सौर ऊर्जा प्रणाली आदि को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
छात्र इसमें भी होंगे पारंगत
ऑटोमोबाइल लैब, सीएनसी लैब, कन्वेंसनल मशीन लैब, इंडस्ट्रीयल ऑटोमेशन लैब, मैक्रोनिक्स लैब, अपेरल सेक्टर, ब्यूटी सेक्टर, लेदर डिजाइन और कैड/कैम, आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस, आईटी, नेटवर्किंग, क्लाउड लैब।
नंबर गेम :
66.13 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट
14.05.2018 को निर्माण शुरु हुआ
16251.52 वर्गमीटर में बन रहा है
