रामपुर : 20 लाख की रंगदारी मांगना पड़ा भारी, तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज
फोटो चुंगी के पास आरोपी को रोक कर जान से मारने की दी धमकी
रामपुर, अमृत विचार। मुरादाबाद निवासी भू माफिया को एक व्यक्ति से 20 लाख की रंगदारी मांगना भारी पड़ा गया। विरोध करने पर उसको रास्ते में रोक कर गाली- गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी मिली है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने एक नामजद और दो अज्ञात सहित तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मोहल्ला पुरानी आवास विकास कालोनी निवासी बलदेव सिंह अरोड़ा का कहना है कि मुरादाबाद के थाना मझोला के गायत्रीनगर निवासी दुलीचंद भू माफिया है। वह लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराकर उनसे पैसे ऐंठता रहता है। बलदेव ने एक भूखंड आवास विकास परिषद से लिया था। उस भूखंड का सारा खर्चा बलदेव ने किया था। इसलिए आवास विकास परिषद ने बैनामा पीड़ित के हक में कर दिया था।
दुलीचंद सरकारी जमीनों पर नजर रखता है। सरकारी जमीनों पर कब्जा करके उनको बेचता है। उसने बलदेव के साथ धोखाधड़ी बीस हजार रुपये लेकर पीड़ित का समझौता नामा कर दिया और कहा कि आज से इस प्लाट का कोई ओर कब्जेदार नहीं होगा। न ही तुमसे कोई कभी पैसों की मांगा करेगा। लेकिन उसके बाद दुलीचंद आदतों से बाज नहीं आया। कुछ दिनों के बाद ही बलदेव से 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने लगा। 30 अगस्त 2023 को दुलीचंद ने उससे फोन के माध्यम से बीस लाख रुपये मांगे, तो उसने रिकॉर्डिंग कर ली।उसने प्रशासन से शिकायत करने की बात कहकर फोन काट दिया।
आरोप है कि 19 सितंबर 2023 को आरोपियों ने बलदेव को फोटो चुंगी के पास घेरते हुए 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देते हुए कहा किसी झूठे मुकदमे में फंसा देगा। उसके बाद आसपास के लोगों को आता देखकर आरोपी मौका पाकर फरार हो गया। बाद में पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी दुलीचंद और दो अज्ञात सहित तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुलिस अधीक्षक से भी की थी कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सिविल लाइन थाने में तहरीर दी थी। कार्रवाई नहीं होने पर वह खुद एसपी के समक्ष पेश हुआ था। उसके बाद डाक के माध्यम से भी प्रार्थना पत्र भेजा था। उसके बाद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। काफी परेशान हो जाने के बाद उसने कोर्ट की शरण ली थी।
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