बरेली: आदर्श पुत्र, भाई और पति कैसा होना चाहिए, श्रीराम के चरित्र से मिलता है इसका ज्ञान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बरेली विभाग प्रचारक धर्मेंद्र भारत ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन यूं ही आदर्श जीवन नहीं कहलाता। जीवन के हर पड़ाव पर एक आदर्श पुत्र, भाई, पति कैसा होना चाहिए, इसका ज्ञान हमें श्रीराम के चरित्र से मिलता है। वह गुरुवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की ओर से हमारे राम ,सबके राम, जन जन में राम विषय पर शहामतगंज कार्यालय पर आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि आज कि युवा पीढ़ी भ्रमित हो गई है। अपने पिता और बड़ों की आज्ञा पालन करना उन्हें बोझ लगता है। जबकि श्रीराम ने पिता के दिए 14 वर्ष के वनवास को भी सहर्ष स्वीकार कर लिया था। आज के समय में सबसे मुकदमे और झगड़े भाई-भाई में धन-संपदा को लेकर हो रहे हैं। प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह परिवर्तन का युग है। लोगों को अपने आचरण, व्यवहार और सोच में परिवर्तन लाकर जनहित में सोचना चाहिए।

महानगर महामंत्री राजेश जसोरिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखी। इस मौके पर जरूरतमंदों को कंबल बांटे गए। साथ ही प्रत्येक व्यापारी से अपील की गई कि वह रात में ठिठुरते हुए लोगों के लिए अलाव, कंबल और भोजन की व्यवस्था अवश्य करे।

प्रांतीय उपाध्यक्ष संजीव चंदन ने आभार जताया। आलोक प्रकाश, दुर्गेश खटवानी, दर्शन लाल भाटिया, मनमोहन सब्बरवाल, विपिन गुप्ता, शिरीष गुप्ता ,रचित गुप्ता, विपिन कोहली, रंजना सोलंकी, रमेश चंद्र, श्याम, कृष्ण, मनोज खटवानी आदि उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें - बरेली: अदालत से भेजा सम्मन, वारंट तामिल नहीं करा रही पुलिस, अपर सत्र न्यायाधीश ने डीएम को पत्र भेजकर कार्रवाई के दिए निर्देश

संबंधित समाचार