रुद्रपुर: बारिश न होने से किसानों के माथे पर उभरीं चिंता की लकीरें

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Edited By Amrit Vichar
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रुद्रपुर, अमृत विचार। ऊधमसिंह नगर में गेहूं की बुवाई के बाद से बारिश नहीं हुई है। इससे किसानों की टेंशन बढ़ गयी है। इसका कारण लोग जनरेटर के माध्यम से गेहूं की सिंचाई कर रहे हैं। इससे किसानों को 10 से 15 प्रतिशत अतिरिक्त आर्थिक खर्च वहन करना पड़ रहा है। इससे गेहूं की कम पैदावार होने की भी संभावना है।

दरअसल, जनपद में करीब एक लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई जाती है, जबकि एक लाख 29 हजार किसान इस खेती से जुड़े हुए हैं। वहीं किसानों ने नवंबर माह में गेहूं की बुवाई की है। तब से लेकर आज तक बारिश नहीं हुई है। बारिश नहीं होने पर किसानों ने बुवाई के बाद एक बार खेतों की सिंचाई कर रही दी है।

किसानों को जनवरी माह में बारिश होने की उम्मीद थी, लेकिन बारिश नहीं हुई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गयी है। वहीं राज्य में बिजली का उत्पादन कम होने और मांग की अनुरूप बिजली नहीं मिलने से यूपीसीएल ने ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी क्षेत्रों में बिजली की कटौती शुरू कर दी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में यह कटौती तीन से चार घंटे तक की जा रही है, जबकि शहरी क्षेत्रों में दो से तीन घंटे तक की कटौती की जा रही है। इसका असर भी किसानों पर पड़ रहा है। बिजली नहीं आने से पर किसानों को जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे डीजल खर्च होगा और किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा।

नमी कम होने से गेहूं की पैदावार पर भी पड़ेगा असर
रुद्रपुर। किसानों का कहना कि बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की मात्रा कम हो जाएगी। इसका असर गेहूं की पैदावार पर भी पड़ेगा। साथ ही गेहूं के दाने की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।

नवंबर माह में बुवाई के बाद से बारिश नहीं हुई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार घंटे बिजली की कटौती की जा रही है। इससे किसानों को जनरेटर के सहारे खेतों में सिंचाई करनी पड़ रही है। एक एकड़ जमीन में तीन से चार लीटर डीजल खर्च हो रहा है। अगर ऐसा ही रहा था किसानों का 10 से 15 प्रतिशत अतिरिक्त खर्च होगा।
-विक्रम जीत सिंह विर्क, किसान

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