बरेली: बोर्ड परीक्षा... बीमारी बताकर ड्यूटी से बच पाना नहीं होगा आसान, कड़े निर्देश जारी
बरेली, अमृत विचार। यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी से बचने के लिए तमाम शिक्षक जतन करते हैं। अनेक तरह की समस्याएं बताने के साथ अस्वस्थता का प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर चिकित्सकीय अवकाश ले लेते हैं। इसके चलते व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होती है। अधिकारी बमुश्किल शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था कर पाते हैं। लेकिन इस बार शिक्षकों के लिए परीक्षा ड्यूटी से बचना आसान नहीं होगा। परीक्षा में व्यवधान न पड़े इसके लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
माध्यमिक शिक्षा सचिव दिव्यकांत शुक्ला की ओर से डीआईओएस को भेजे पत्र के मुताबिक मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से जारी प्रमाण पत्र के बिना किसी भी शिक्षक का चिकित्सकीय अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। चिकित्सकीय अवकाश के आवेदन पर डीआईओएस भी अपने स्तर से जांच कर निर्णय लेंगे। बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल व इंटर के करीब 97 हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे । इसके लिए 7 हजार से अधिक शिक्षक व कर्मियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। बेसिक स्कूलों के शिक्षकों को भी कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। चूंकि इस बार नियम कुछ कड़े कर दिए हैं ऐसे में अव्यवस्था कम रहने की उम्मीद है।
जो शिक्षक गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं उन्हें मानवीय दृष्टिकोण से ड्यूटी से वंचित रखा जाएगा। इसके अलावा जो भी शिक्षक अवकाश के लिए आवेदन करेंगे उन्हें मुख्य चिकित्साधिकारी से प्रमाण पत्र आवश्यक रूप से लेना होगा-देवकी सिंह, डीआईओएस।
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