पशुपालन आज के समय में आजीविका का एक बड़ा साधन: अनुप्रिया

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Edited By Amrit Vichar
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मीरजापुर। पटेहरा विकासखंड के न्याय पंचायत पड़रिया कला में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय वृहद पशु आरोग्य शिविर मेले का रविवार को शुभारंभ करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री वाणिज्य उद्योग मंत्रालय एवं जिले की सांसद अनुप्रिया पटेल ने कहा है कि आज के समय में लोगों के लिए पशुपालन आजीविका का एक बड़ा साधन बन रहा है।

सरकार पशुपालकों के कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है जिनका लाभ उठाकर पशुपालक अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पशुपालन को बेहतर आजीविका का साधन भी बना सकते हैं।

पशुओं का कराएं पंजीकरण

वृहद पशु आहार योग्य शिविर मेला का शुभारंभ करने के पश्चात उन्होंने पशुपालकों से अपने पशुओं का पंजीकरण कराने की सलाह देते हुए कहा कि इससे कई प्रकार के लाभ वह हासिल कर सकते हैं। कहा पशु से उत्पादन तभी बेहतर मिलेगा जब हम उनकी बेहतर देखभाल करेंगे। उन्होंने कहा कि पशुओं की बेहतर चिकित्सा सेवा व्यवस्था के लिए जिले में 27 पशु चिकित्सालय, 27 पशु सेवा केंद्र संचालित हैं। इसके अलावा एक चलता फिरता अस्पताल यानी मोबाइल वैन भी पशुओं, पशु पलकों की सेवा के लिए तत्पर है।

टोल फ्री नंबर 1962 पर करें काल

टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करने पर आपके पास यह गाड़ी तुरंत पहुंचेगी और पशुओं को बेहतर मदद भी मिलेगी। राज्य मंत्री ने कृषि के साथ-साथ बकरी पालन, भेड़ पालन, मुर्गी पालन पर बल देते हुए कहा कि यह सरकार की प्राथमिकताओं में है। कृषि पर ही आधारित न रहे पशुपालन को आजीविका बढ़ाने का मजबूत आधार बनाया जा सकता है। पुराने को त्याग कर नए तरीके से प्रयोग और तकनीकी को अपनाकर पशुपालन के जरिए आर्थिक स्थिति में बदलाव लाया जा सकता है। इसके लिए सरकार भी पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ कई योजनाओं के जरिए लाभान्वित कर रही हैं।

इसके लिए उन्होंने पशुपालकों को पशुओं के पंजीकरण की सलाह देते हुए कहा कि 10 हजार से ज्यादा पशुपालकों ने पंजीकरण कराया है। केंद्रीय राज्य मंत्री ने निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए जिले में बनाए गए 40 निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों की चर्चा करते हुए बताया गोवंश आश्रय स्थलों में निराश्रित गोवंशों के रहने खाने पीने की समुचित व्यवस्था के प्रबंध है।

छुट्टा गोवंश को पहुंचाएं निराश्रित गोवंश स्थल

यदि कहीं भी निराश्रित गोवंश खेतों या सड़कों इत्यादि पर दिखाई देते हैं तो उन्हें निराश्रित गोवंश स्थलों पर पहुंचा जा सकता है ताकि उनके रहने खाने का समुचित प्रबंध हो सके। बताया कि जिले में मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशु पालक प्रोत्साहन योजना के तहत 107 का लक्ष्य मिला है, जिसमें 89 पशुपालकों चयन किया गया है। दुधारू पशु है लेकिन बांझपन है इसके लिए भी सरकार गंभीर है, ताकि दुधारू पशुओं के बांझपन को दूर कर पशुपालकों को बेहतर लाभ दिया जा सके पशुओं के समय-समय पर टीकाकरण के साथ-साथ सरकार द्वारा पशुओं के स्वास्थ्य देखभाल के लिए भी पशु चिकित्सालय एवं के माध्यम से त्वरित चिकित्सा सुविधा भी मुहैया कराई जा रहे हैं।

पशुओं को ताजा पानी और दें संतुलित आहार

केंद्रीय राज्य मंत्री ने पशुओं के देखभाल के साथ-साथ ठंड के दिनों में उन्हें ताजा पानी देने और संतुलित आहार देने, हमें समय पर पशुओं के टीकाकरण पर जोर दिया। मौके पर छानबे विधायक रिंकी कोल, मुख्य विकास अधिकारी पंकज कुमार एडिशनल डायरेक्टर डॉक्टर पीएन सिंह, कृषि वैज्ञानिक विशेषज्ञ, पशु-चिकित्सक अधिकारी सहित पशुपालक, गणमान्यजन भाजपा, अपना दल के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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